गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय के छात्रों ने बनाया अत्याधुनिक ऑटोनोमस ड्रोन
हरिद्वार। गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय के अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संकाय ने विज्ञान एवं तकनीकी क्षेत्र में नई उपलब्धि हासिल की है। विश्वविद्यालय के छात्रों एवं युवा वैज्ञानिकों ने एक अत्याधुनिक ऑटोनोमस ड्रोन (नॉन-जीपीएस) विकसित किया है, जिसे भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन के निर्धारित मानकों के अनुरूप तैयार किया गया है।
ड्रोन का निर्माण कम्प्यूटर विज्ञान विभाग एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विज्ञान विभाग के संयुक्त प्रयास से किया गया। इस परियोजना का निर्देशन कम्प्यूटर विज्ञान विभाग के प्रोफेसर मयंक अग्रवाल तथा इलेक्ट्रॉनिक्स विज्ञान विभाग के युवा वैज्ञानिक विपुल शर्मा ने किया।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस उपलब्धि को उत्तराखंड एवं संस्थान के लिए गौरवपूर्ण बताया है। कुलपति प्रतिभा मेहता लूथरा एवं कुलसचिव सत्यदेव निगमालकार ने कहा कि विश्वविद्यालय में समय-समय पर आयोजित वैज्ञानिक कार्यशालाएं छात्रों की तकनीकी प्रतिभा को निखारने और नवाचार को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
कार्यशाला के दौरान विपुल शर्मा ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों के कौशल विकास में सहायक सिद्ध होते हैं और उनकी तकनीकी क्षमता को नई दिशा देते हैं। वहीं मुरली मनोहर तिवारी ने कहा कि तकनीकी नवाचार एवं अनुसंधान विकसित राष्ट्र की आधारशिला हैं।
सहायक कुलसचिव पंकज कौशिक ने बताया कि कार्यशालाओं के माध्यम से छात्रों में आविष्कार एवं अनुसंधान की भावना विकसित हो रही है और अभियांत्रिकी संकाय के छात्र लगातार नए शोध कार्य कर रहे हैं।
इस अभिनव ड्रोन को मुख्य रूप से छात्र ऋषभ चौरसिया, हर्ष चौरसिया एवं ध्रुव कुमार झा ने संयुक्त रूप से विकसित किया है। कार्यक्रम में डॉ. संजय सिंह, डॉ. शिव कुमार, डॉ. लोकेश जोशी, संजय वर्मा, डॉ. सुनील कुमार सहित अनेक शिक्षक एवं छात्र मौजूद रहे।
