उत्तराखंड

शहरी विकास विभाग का बड़ा फैसला, अब चार डिब्बों में अलग रखना होगा कचरा

देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने स्वच्छता व्यवस्था को अधिक प्रभावी और वैज्ञानिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए राज्य में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 लागू कर दिए हैं। एक अप्रैल 2026 से लागू इस नई व्यवस्था के तहत अब घरों, दुकानों, संस्थानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में कचरे का पृथक्करण अनिवार्य कर दिया गया है।

नए नियमों के अनुसार अब कचरे को चार अलग-अलग डिब्बों में रखना होगा। हरे डिब्बे में गीला अथवा जैविक कचरा, नीले डिब्बे में सूखा एवं रिसाइकिल होने वाला कचरा, लाल डिब्बे में सैनिटरी और घरेलू हानिकारक कचरा तथा काले डिब्बे में विशेष श्रेणी के अपशिष्ट को अलग रखना अनिवार्य होगा।

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शहरी विकास विभाग ने इस नई व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए अप्रैल माह में नगर निकायों के अधिकारियों और कर्मचारियों की राज्य स्तरीय कार्यशाला आयोजित कर विस्तृत प्रशिक्षण दिया। इसके अलावा 30 अप्रैल से 4 मई तक छह क्षेत्रीय क्षमता निर्माण कार्यशालाओं का आयोजन किया गया, जिसमें ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 और स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की गईं।

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विभाग द्वारा राज्य के सभी नगर निकायों को निर्देश जारी करते हुए कहा गया है कि कचरे का पृथक्करण घरों और संस्थानों के स्तर पर ही सुनिश्चित कराया जाए। साथ ही लोगों को जागरूक करने, केवल कूड़ा वाहनों में ही कचरा डालने तथा डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण व्यवस्था को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया जाएगा।

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सरकार का मानना है कि नई व्यवस्था लागू होने से शहरों में स्वच्छता बेहतर होगी, कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण को बढ़ावा मिलेगा और पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण मदद मिलेगी।

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