उत्तराखंड

होली विशेषांक: इस बार की होली पर बन रहा ये विशेष योग, कितना लाभकारी, पढ़िए, ज्योतिषी आंकलन…

देहरादून। होली का त्योहार इस बार फाल्गुन मास की पूर्णिमा 17 मार्च को धूमधाम से मनाया जाएगा। होलिका दहन का शुभ मुहूर्त रात को 9:20 से 10:30 तक रहेगा। खास बात यह है कि इस बार होलिका दहन के दिन मकर राशि का दिन है. इस दिन तीन ग्रहों की युक्ति बन रही है। यह योग 100 वर्ष बाद बन रहा है, जिसमें मंगल, शनि और शुक्र ग्रह शामिल है। इन तीनों ग्रहों की युक्ति बनने से सिद्धि योग, वृद्धि योग और अमृत योग बन रहा है. जो अलग-अलग राशियों के अनुसार उनके जीवन पर लाभकारी सिद्ध होंगे।

यह भी पढ़ें 👉  श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में कमाल, 15 किलो का विशाल ट्यूमर निकालकर महिला को दी नई ज़िंदगी

17 मार्च को फाल्गुन मास की पूर्णिमा की रात को होलिका दहन का कार्यक्रम पूरे देश में किया जाएगा. मान्यता है कि होलिका दहन के होने से सुख समृद्धि की प्राप्ति इंसानों को होती है। इस दिन विधि विधान से लोग होलिका दहन को लेकर मान्यताओं के अनुसार कथा का श्रवण भी करते हैं।

यह भी पढ़ें 👉  इन्दिरेश अस्पताल ने निभाया मानवता का धर्म, लाल पुल हादसे के घायलों को मिला निःशुल्क जीवनदान

पंडित जनार्दन कैरवान ने बताया कि विधि विधान के साथ शुभ मुहूर्त में यदि होलिका दहन किया जाए तो इसका फल केवल होलिका की पूजा करने वाले को ही नहीं मिलता, बल्कि उन सभी लोगों को मिलता है, जो होलिका दहन के साक्षी बनते हैं। वहीं होलिका दहन के दौरान जिन नक्षत्रों में ग्रहों की अदला बदली होती है, वह भी मनुष्य जीवन पर काफी प्रभाव डालती है।

बताया इस बार मंगल शनि और शुक्र ग्रह ज्यादातर सभी राशियों के लिए शुभ कार्य सिद्ध होने वाले हैं। क्योंकि तीनों ग्रहों की एक युक्ति बन रही है। जिसमें सबसे पहले सिद्धि योग फिर वृद्धि योग और फिर अमृत योग बन रहा है। तीनों ही योग मनुष्य के जीवन में खुशहाली लाने वाले लोग हैं। इसलिए फाल्गुन मास की पूर्णिमा को रात 9:20 से 10:30 तक के शुभ मुहूर्त में होलिका दहन विधि विधान से होना चाहिए।

यह भी पढ़ें 👉  हिम्स की वैश्विक उड़ान: टाइम्स हायर एजुकेशन रैंकिंग में चमका उत्तराखंड, डॉ. विजय धस्माना के नेतृत्व को मिली अंतरराष्ट्रीय मुहर
3 Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

The Latest

To Top