उत्तराखंड

हिम्स में नर्सिंग सेवा का गौरवगान, समर्पण और संवेदना को मिला सम्मान

डोईवाला। हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (हिम्स) जौलीग्रांट में मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय नर्सेस डे उत्साह, गरिमा और आत्मीयता के वातावरण में मनाया गया। आदि कैलाश सभागार में आयोजित कार्यक्रम में नर्सिंग समुदाय की सेवा भावना, मानवीय संवेदनशीलता और स्वास्थ्य सेवाओं में उनके अतुलनीय योगदान को सम्मानपूर्वक रेखांकित किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ प्रार्थना सभा के साथ हुआ, जिसके बाद नर्सिंग पेशे की गरिमा और उसकी सामाजिक भूमिका पर विभिन्न वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय के अध्यक्ष डॉ. विजय धस्माना ने अपने संदेश में कहा कि नर्सें किसी भी चिकित्सा संस्थान की आत्मा होती हैं। उन्होंने कहा कि उपचार केवल दवाओं से नहीं, बल्कि सेवा, धैर्य और संवेदनशील व्यवहार से भी पूर्ण होता है और इस दायित्व को नर्सिंग समुदाय अत्यंत समर्पण के साथ निभाता है।

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हिमालयन कॉलेज ऑफ नर्सिंग की प्राचार्य डॉ. संचिता पुगाझंडी ने इस वर्ष की थीम का अनावरण करते हुए कहा कि आधुनिक स्वास्थ्य व्यवस्था में नर्सों को ज्ञान, नेतृत्व क्षमता और व्यावसायिक दक्षता से सशक्त बनाना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि नर्सिंग केवल एक पेशा नहीं, बल्कि मानवीय मूल्यों से जुड़ी एक सामाजिक प्रतिबद्धता है।

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मुख्य अतिथि डॉ. कैथलीन एम. मैकीहान ने स्वास्थ्य सेवाओं के भविष्य में नर्सों की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए सतत शिक्षा और नेतृत्व क्षमता पर बल दिया। वहीं डॉ. आर. एस. सैनी ने गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं, एनएबीएच गतिविधियों तथा रोगी सुरक्षा सुनिश्चित करने में नर्सिंग समुदाय की भूमिका को चिकित्सा व्यवस्था का केंद्रीय आधार बताया।

डायरेक्टर ऑपरेशन साधना मिश्रा ने नर्सिंग स्टाफ की कार्यनिष्ठा और सेवा भावना की सराहना करते हुए कहा कि अस्पताल की सुव्यवस्थित कार्यप्रणाली में नर्सिंग टीम की भूमिका सबसे अधिक महत्वपूर्ण होती है। वहीं डॉ. लवनीश कुमार ने सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाओं एवं रोगी सुरक्षा को सुनिश्चित करने में नर्सों की जिम्मेदारी को चिकित्सा व्यवस्था की आधारशिला बताया।

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कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट रोगी देखभाल, टीमवर्क और क्लिनिकल उत्कृष्टता के लिए चयनित नर्सिंग अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सम्मानित भी किया गया। पूरे आयोजन में सेवा, समर्पण और मानवीय करुणा के मूल्यों को केंद्र में रखते हुए नर्सिंग समुदाय के प्रति सम्मान और कृतज्ञता का भाव स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।

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