उत्तराखंड

एसजीआरआर विश्वविद्यालय और सीसीआरएच के बीच ऐतिहासिक करार, राष्ट्रीय स्तर पर संयुक्त शोध को मिलेगा विस्तार

देहरादून। उच्च शिक्षा, वैज्ञानिक अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर अकादमिक सहभागिता को विस्तार देने की दिशा में श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय (एसजीआरआरयू) ने महत्वपूर्ण पहल की है। विश्वविद्यालय और भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के केंद्रीय होम्योपैथी अनुसंधान परिषद (सीसीआरएच) के बीच अनुसंधान सहयोग, क्षमता निर्माण और ज्ञान के आदान-प्रदान को लेकर महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इस समझौते से दोनों संस्थानों के बीच संयुक्त शोध परियोजनाओं, प्रशिक्षण कार्यक्रमों, कार्यशालाओं और वैज्ञानिक गतिविधियों को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

नई दिल्ली स्थित सीसीआरएच मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में दोनों संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय के अध्यक्ष श्रीमहंत देवेंद्र दास जी महाराज के आशीर्वाद से संपन्न इस समझौते को विश्वविद्यालय की अनुसंधान एवं अकादमिक गतिविधियों के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. विपिन चंद्र घिल्डियाल ने इस उपलब्धि पर विश्वविद्यालय की टीम को बधाई दी।

यह भी पढ़ें 👉  चारधाम यात्रियों की तलाश में बनेगा तकनीक का सहारा, गुरुकुल कांगड़ी के युवा वैज्ञानिक ने तैयार किया लघु वियरेबल एंटीना

समझौते के तहत दोनों संस्थान आपसी रुचि के विषयों पर संयुक्त अनुसंधान परियोजनाएं संचालित करने के साथ ही वैज्ञानिक एवं अकादमिक गतिविधियों, प्रशिक्षण, कार्यशालाओं और क्षमता निर्माण कार्यक्रमों में सहयोग करेंगे। इसके अतिरिक्त शोध एवं विशेषज्ञता के आदान-प्रदान के माध्यम से दोनों संस्थानों की अनुसंधान क्षमताओं को सुदृढ़ करने पर भी जोर दिया जाएगा।

यह भी पढ़ें 👉  एसजीआरआर यूनिवर्सिटी के हर्ष व्यास का ग्लासगो मिशन, कराटे की मैट पर भारत के लिए पदक का लक्ष्य

इस एमओयू से एसजीआरआर विश्वविद्यालय के शिक्षकों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर के अनुसंधान संस्थान के साथ जुड़कर शोध गतिविधियों में भागीदारी का अवसर मिलेगा। इससे अंतर्विषयक अनुसंधान, वैज्ञानिक संवाद, नवाचार और कौशल विकास को भी प्रोत्साहन मिलने की संभावना है। विश्वविद्यालय और सीसीआरएच के बीच यह सहयोग अकादमिक ज्ञान को व्यावहारिक अनुसंधान से जोड़ने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

कार्यक्रम में सीसीआरएच की ओर से महानिदेशक डॉ. सुभाष कौशिक, डॉ. के.सी. मुरलीधरन और वैज्ञानिक-डी डॉ. रेनू मित्तल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। वहीं एसजीआरआर विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व कुलसचिव डॉ. सोनिका कंडारी, प्रोफेसर डॉ. द्वारिका पी. मैठाणी, स्कूल ऑफ बेसिक एंड एप्लाइड साइंसेज के डीन डॉ. पंकज चमोली तथा स्कूल रिसर्च कोऑर्डिनेटर डॉ. सुभाष चंद्र ने किया।

यह भी पढ़ें 👉  इंदिरेश अस्पताल में गूंजी पुकार—कैंसर हारेगा, जिंदगी जीतेगी

विश्वविद्यालय प्रतिनिधियों के अनुसार, श्रीमहंत देवेंद्र दास जी महाराज के मार्गदर्शन में एसजीआरआर विश्वविद्यालय शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में राष्ट्रीय संस्थानों के साथ सहयोग को निरंतर विस्तार दे रहा है। सीसीआरएच के साथ हुआ यह समझौता इसी प्रयास का हिस्सा है, जिससे भविष्य में संयुक्त शोध, प्रशिक्षण और वैज्ञानिक क्षमता निर्माण के नए अवसर विकसित हो सकेंगे।

The Latest

To Top