उत्तराखंड

BIG BREAKING:ऋषिकेश एम्स में आज मच गया भयंकर बबाल,गेट तोड़कर धरना हुआ शुरू आखिर क्यों,,पढ़िए,,

देहरादून। उत्तराखंड सरकार द्वारा कोविड-19 के चलते सभी प्रकार के धरनों प्रदर्शनों के साथ राजनीतिक रैलियों पर लगाई गई रोक के बावजूद ऋषिकेश आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स द्वारा 95 हॉस्पिटल अटेंडेंट सहायक को नौकरी से निकाले जाने के दिए गए नोटिस के बाद तमाम कर्मचारियों ने एम्स के एक गेट को तोड़कर अंदर घुस मेडिकल अधीक्षक कार्यालय के बाहर धरना देना शुरू कर दिया है ।

जिससे स्थानीय प्रशासन के हाथ पांव फूल गए । शनिवार की सुबह से एम्स में दिए गए धरने के बाद सूचना पर पहुंची ऋषिकेश तहसीलदार डॉ अमृता शर्मा मौके पर एम्स प्रशासन से इस संबंध में बातचीत कर समस्या का तत्काल समाधान किये जाने के लिए निर्देशित किया ।

यह भी पढ़ें 👉  एसआरएचयू में फार्मेसी के बदलते आयामों पर मंथन, एआई से मरीज-केंद्रित देखभाल तक नई भूमिका की तलाश

धरना देने वाले कर्मचारियों का कहना है कि चर्डीगढ़ की टीडीएस कंपनी के माध्यम से मई 2021 में हमने एम्स में जॉइनिंग की थी ,इस दौरान हमें ₹30000 सैलरी के रूप में दिए गए हैं।

इस दौरान हमसे 11 महीने के कांटेक्ट फार्म पर भी साइन कराए गए थे। लेकिन जब वह 8 जनवरी की सुबह 8:00 बजे मीटिंग के लिए बुलावे पर यहां पहुंचे तो कंपनी के मैनेजर ओम प्रकाश ने उन्हें नौकरी से बिना नोटिस दिये बाहर कर दिया ।

जबकि अधिकांश कर्मचारियों का कार्यकाल अभी 6 महीने भी नहीं हुआ है ।धरने पर बैठे प्रियंका पंवार और टीटू पाल ,साहिल रावत ने कहा कि उन्हें नौकरी दिलाने के नाम पर उनसे कंपनी द्वारा तीस _तीस जार रुपये भी लिए गए हैं ।उन्होंने बताया कि इस एम्स में नौकरी करते हुए कुछ लोगों क 2 वर्ष हो चुके हैं कुछ लोग दो तीन महीने पहले ही लगे हैं ।

यह भी पढ़ें 👉  एसजीआरआर यूनिवर्सिटी के हर्ष व्यास का ग्लासगो मिशन, कराटे की मैट पर भारत के लिए पदक का लक्ष्य

जिनके नौकरी के नाम पर दिए गए, पैसे भी वसूल नहीं हुए हैं जो उन्हें पगार के रूप में तनख्वाह दी जा रही थी उसमें भी 15 सो रुपए टीडीएस के नाम पर काटे जा रहे थे । एम्स में सिक्योरिटी गार्ड के रूप में काम कर रही रूबी शर्मा का कहना था कि उनसे भी ₹30000 सिक्योरिटी के नाम पर जमा कराए थे।और आज उन्हें भी नौकरी से निकाल दिए जाने के बाद उनका भविष्य अंधकार में हो गया है।

यह भी पढ़ें 👉  चारधाम यात्रियों की तलाश में बनेगा तकनीक का सहारा, गुरुकुल कांगड़ी के युवा वैज्ञानिक ने तैयार किया लघु वियरेबल एंटीना

जबकि अधिकांश लोग अन्य शहरों से आकर यहां नौकरी कर रहे हैं । जिसके कारण तमाम कर्मचारियों में रोष व्याप्त है उन्होंने कहा कि जब तक उन्हें कोई नौकरी नहीं दी जाएगी तो वह अपना आंदोलन जारी रखेंगे। कुल मिलाकर एम्स में कर्मचारियों द्वारा दिए जा रहे धरने के कारण स्थिति तनावपूर्ण परंतु नियंत्रण में बनी है जबकि पुलिस प्रशासन भी मौके पर पहुंच गया है।

1 Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

The Latest

To Top