उत्तराखंड

मांग:यंहा के संतों ने की क्षेत्र को साइलेंट जोन घोषित करने की मांग

ऋषिकेश। आध्यात्मिक और योग की नगरी ऋषिकेश पूरे विश्व मे प्रसिद्ध है,यही कारण है कि रोजाना हजारों की तादात मे पर्यटक मौज मस्ती करने आते हैं। इन्ही पर्यटको की आड़ मे कई असामाजिक तत्व भी क्षेत्र मे प्रवेश कर गंगा की आस्था पर ठेस पहुँचाने का प्रयास कर रहे हैं। जिससे खफा संत समाज गंगा तटीय क्षेत्र को साइलेंट जोन घोषित करने की मांग पर अड़ गया है। संतों ने इसकी शिकायत और मांग जिला के हाकिम से भी की है, लेकिन अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है।

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संतों ने है बताया कि विश्व प्रसिद्ध शहर के लक्ष्मणझूला स्वर्गाश्रम आदि क्षेत्रों में गंगा नदी में अत्यधिक मात्रा में राफ्टिंग का व्यवसाय किया जाता है। जिसके चलते अधिक संख्या में पर्यटक यहां पर राफ्टिंग आदि करने हेतु आते हैं साथ ही राजस्व ग्राम जौक स्थित लक्ष्मणझूला स्वर्गाश्रम क्षेत्र योगा कैपिटल के रूप में विश्व भर में जाना जाता है। सभी देश-विदेश के लोग यहां पर भारी संख्या में योगा, ध्यान, अध्यात्म, मेडिटेशन, शान्ति एवं पूजा के लिए गंगा तटों पर बैठते हैं। वहीं, गंगा तटो पर चलने वाली राफ्टिंग वाले पर्यटक मदिरा पान करके अत्यधिक मात्रा में शोर गुल, गालियां देना, गंदे गाने गाना, तथा गंदे कमेंट आदि करते रहते हैं।

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जिससे गंगा किनारे बैठे लोगो को अत्यधिक परेशानी का सामना करना पडता है एवं शर्मिंदगी महसूस होती है। जिससे हमारे क्षेत्र में आने वाले ध्यान साधना एवं अन्य सुयोग्य कार्यों से आने वाले पर्यटको पर गलत प्रभाव पड़ता है। इससे हमारे देव भूमि उत्तराखण्ड की छवि भी घूमिल हो रही है। स्थानीय लोग एवं साधु संतो ने गंगा घाटों पर अराजक तत्वों पर रोक लगाकर साइलेंट जोन घोषित करने की मांग की।

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भगवा फ़ोर्स के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ त्रयंमबक सेमवाल ने बताया कि मामले को लेकर जल्द जिलाधिकारी से संत समाज मुलाक़ात भी करेगा। मांग करने वालो में बिरला इंफ्रास्ट्रक्चर लि. प्रबंधक घनश्याम वंशिका, रोहित गोदियाल, उदय सिंह नेगी, गणेश दास, स्वामी विष्णु दास महाराज, कन्हैया दास, स्वामी सच्चिदानंद, स्वामी बलदेव सिंह, नरेंद्र सिंह आदि शामिल हैं।

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