उत्तराखंड

GST सहित इन मुद्दों को लेकर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल ने की अधिकारियों से बात, ये हुआ फैसला…

ऋषिकेश: प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल शाखा ऋषिकेश द्वारा मंगलवार को राज्य कर कार्यालय ऋषिकेश में अहम बैठक की गई। बैठक में सहायक आयुक्त एसएस तिरुआ डिप्टी कमिश्नर कर की अनुपलब्धता में अंजनी कुमार सहायक आयुक्त कर ऋषिकेश के साथ कई अहम मुद्दों पर बात हुई। बताया जा रहा है कि संयुक्त आयुक्त राज्य कर विभाग देहरादून संभाग को संबोधित ज्ञापन जो उपायुक्त महोदय के पत्र संख्या 107 दिनांक 4 मई 2022 के प्रति उत्तर के रूप में सहायक आयुक्त महोदय को सौंपा एवं प्राप्ति रसीद प्राप्त की।

इस दौरान अध्यक्ष द्वारा कहा गया कि कुछ बाहर से आए हुए व्यापारियों के द्वारा जीएसटी रजिस्ट्रेशन कराया गया और जो एड्रेस दर्शाया गया है। उस एड्रेस पर किसी भी प्रकार का कोई प्रतिष्ठान ना होने की शिकायत व कूट रचित फलों के बारे में समस्या से सहायक आयुक्त ने प्रतिनिधिमंडल को अवगत कराया। इस संबंध में प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल ने तत्काल अपने शहर के व्यापारियों को अपने प्रतिष्ठानों के बाहर नाम और जीएसटी नंबर प्रदर्शित करने के लिए प्रेरित करने का आश्वासन दिया। जिसके लिए 15 दिन का समय मांगा। बताया गया कि ज्यादातर फर्म जो जीएसटी आने के बाद पंजीकृत हुई हैं उनका सत्यापन प्रथम चरण में किया जाएगा। जिस पर व्यापार मंडल के संरक्षक केवल कृष्ण लांबा  ने बताया कि कपड़े के व्यवसाय सभी जीएसटी लागू होने के बाद ही कपड़े पर जीएसटी लगा है। अतः संपूर्ण कपड़े के व्यापारी नए पंजीकरण के साथ काम कर रहे हैं। उनके सत्यापन के लिए क्लॉथ मर्चेंट एसोसिएशन के साथ बैठक कर विभाग को सूची पर डिस्कशन करने के उपरांत ही किसी व्यापारी के विरुद्ध कार्यवाही की जाने का आग्रह किया।

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उन्होंने कहा कि यह देखा जा रहा है की सचल दल द्वारा माल खोलकर जब चेकिंग की जा रही है तो उसमें मानवीय भूल से सप्लायर के द्वारा जारी बिल और सामान में 1-2 पीस का अंतर आने पर भी भारी जुर्माने की राशि वसूली जा रही है। जिसका व्यापार मंडल ने विरोध किया और साथ ही यह भी अवगत कराया की कई बार माल पैक होने के समय अथवा रास्ते में मानवीय भूल अथवा चोरी जो मार्ग में ट्रांसपोर्टेशन के समय हो जाती है के कारण भी यह अंतर आ सकता है और 1-2 पीस गलती से भी अधिक भी हो सकते हैं फतेह छोटी सी गलती के लिए भारी जुर्माना व्यापारियों का उत्पीड़न है इसे तत्काल रोकने की गुहार की गई जिस पर सहायक आयुक्त ने लिखित देने की बात कही है जिस पर सदभावना पूर्वक विचार किया जाएगा। gstr-4 के संबंध में भी सहायक आयुक्त महोदय ने बताया कि व्यापारियों द्वारा अज्ञानता वश गलती हुई है उसके लिए भी एक कार्यशाला का शीघ्र ही आयोजन किया जाएगा।

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साथ ही सहायक आयुक्त ने आश्वासन दिया की विभागीय टीम अथवा अधिकारी किसी प्रतिष्ठान पर व्यर्थ परेशान करने के उद्देश्य से नहीं जाएंगे। व्यापारी इस संबंध में निश्चिंत रहें यदि बाहर फर्म का नाम जीएसटी नंबर और प्रोपराइटर का नाम प्रदर्शित है जो नियमानुसार आवश्यक भी है तो अन्य कोई पूछताछ व्यापारी से नहीं की जाएगी। सहायक आयुक्त और प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष ने सभी का आभार प्रकट कर भविष्य में व्यापारी हित में काम करने का एवं व्यापारियों का कभी भी कोई उत्पीड़न नहीं होगा ऐसा आश्वासन दिया तथा कर अपवंचन को के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही यदि ठोस सबूत के आधार पर की जा रही होगी तो व्यापार मंडल भी विभाग का सहयोग करेगा। इस दौरान केवल संरक्षक कृष्ण लांबा,  अध्यक्ष पंकज गुप्ता , वरिष्ठ उपाध्यक्ष रामकुमार कश्यप, उपाध्यक्ष सौरभ अग्रवाल  महामंत्री हर्षित गुप्ता, मंत्री हरिमोहन, मंत्री पवन गोयल, अध्यक्ष युवा व्यापार मंडल सुमित बाली,  कार्यकारिणी सदस्य प्रतीक पुंडीर, कार्यकारिणी सदस्य मनीष गोगिया आदि लोग उपस्थित रहें।

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