उत्तराखंड

गुरुकुल कांगड़ी में यज्ञ के साथ 425 नवप्रवेशित विद्यार्थियों की नई शैक्षणिक यात्रा शुरू

हरिद्वार। गुरुकुल कांगड़ी सम विश्वविद्यालय के अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संकाय में नवप्रवेशित 425 विद्यार्थियों के दीक्षारंभ कार्यक्रम का शुभारंभ मंगलवार को वैदिक मंत्रोच्चार और यज्ञ के साथ हुआ। मैकेनिकल विभाग के समारोह कक्ष में आयोजित कार्यक्रम में संकाय के विभिन्न विभागों के शिक्षक, कर्मचारी और विद्यार्थी मौजूद रहे। दीक्षारंभ कार्यक्रम एक सप्ताह तक चलेगा, जिसमें देश के जाने-माने विद्वान विद्यार्थियों को मार्गदर्शन देंगे।

मुख्य अतिथि एवं मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्रा ने कहा कि विज्ञान एवं तकनीकी ज्ञान वर्तमान समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता है। तकनीकी शिक्षा केवल रोजगार हासिल करने का माध्यम नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में नवाचार, अनुसंधान, रचनात्मकता और समस्या समाधान की क्षमता विकसित करने का जरिया भी है। उन्होंने विद्यार्थियों से आधुनिक तकनीक के साथ भारतीय संस्कृति और नैतिक मूल्यों को आत्मसात करने तथा अपने ज्ञान का उपयोग समाज और राष्ट्र के विकास में करने का आह्वान किया।

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उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में प्रवेश विद्यार्थियों के जीवन की नई यात्रा का प्रारंभ है। विद्यार्थियों को अनुशासन, समय प्रबंधन, परिश्रम और सकारात्मक सोच को जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए। उन्होंने सुंदरकांड की चौपाइयों के माध्यम से तकनीक और प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं को समझाया तथा कंप्यूटर विज्ञान को आधुनिक शिक्षा का सशक्त माध्यम बताया।

कुलपति प्रो. प्रतिभा मेहता लूथरा ने कहा कि अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संकाय के पूर्व विद्यार्थी देश-विदेश में महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि संकाय को स्थापित हुए 24 वर्ष ही हुए हैं, लेकिन इसने गुरुकुल कांगड़ी का नाम विदेशों तक पहुंचाया है। उन्होंने स्वामी श्रद्धानंद के योगदान और गुरुकुल कांगड़ी की गौरवशाली परंपरा का उल्लेख करते हुए विद्यार्थियों से शिक्षा के साथ राष्ट्रसेवा की भावना विकसित करने का आह्वान किया।

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संकाय अध्यक्ष प्रो. मयंक कुमार अग्रवाल ने कहा कि संकाय में प्रवेश लेने वाले अधिकांश विद्यार्थी ग्रामीण परिवेश से आते हैं। उनके लिए गुरुकुल पद्धति को समझना जरूरी है। दीक्षारंभ के माध्यम से विद्यार्थियों में संस्कार और वैदिक परंपरा के बीज रोपे जा रहे हैं। सप्ताहभर चलने वाले कार्यक्रम में विद्यार्थियों को वैदिक प्रौद्योगिकी समेत विभिन्न विषयों की जानकारी दी जाएगी।

इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन विभागाध्यक्ष प्रो. विपुल शर्मा ने कहा कि नवप्रवेशित विद्यार्थियों को वैदिक परंपरा से जोड़ना आवश्यक है। एक अच्छा विद्यार्थी बनने से पहले अच्छा इंसान बनना जरूरी है। एप्लाइड साइंस विभागाध्यक्ष डॉ. मुरली मनोहर तिवारी ने संकाय के पूर्व विद्यार्थियों की उपलब्धियों का उल्लेख किया।

सहायक कुलसचिव डॉ. पंकज कौशिक ने कहा कि गुरुकुल कांगड़ी सम विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को बेहतर इंसान बनाने की प्रयोगशाला है। यहां वैदिक शिक्षण के माध्यम से विद्यार्थियों को ज्ञान के साथ संस्कार भी दिए जाते हैं।

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कार्यक्रम के दौरान सहायक कुलसचिव डॉ. पंकज कौशिक की पुस्तक ‘विज्ञापन, पत्रकारिता एवं मीडिया’ का विमोचन कुलपति प्रो. प्रतिभा मेहता लूथरा, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्रा और प्रो. मयंक कुमार अग्रवाल ने किया।

यज्ञ का आयोजन डॉ. दीनदयाल वेदालंकार और अशोक कुमार भट्ट के निर्देशन में किया गया। मैकेनिकल विभाग के प्रभारी डॉ. संजीव लांबा ने संकाय की शिक्षण व्यवस्था की जानकारी दी। डॉ. धर्मेंद्र बालियान ने अतिथियों का आभार व्यक्त किया, जबकि कार्यक्रम का संचालन देवेंद्र सिंह ने किया। इस अवसर पर डॉ. अजय कुमार, डॉ. निशांत कुमार, डॉ. तनुज गर्ग, डॉ. सुयश भारद्वाज, मयंक पोखरियाल सहित संकाय के विभिन्न विभागों के शिक्षक, कर्मचारी और विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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