गुरुकुल कांगड़ी में अभियंता दिवस पर नवाचार का जलवा, 30 टीमों ने दिखाया तकनीकी दम
हरिद्वार। गुरुकुल कांगड़ी (डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी) के अभियंत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संकाय में अभियंता दिवस तकनीकी प्रतिभा, नवाचार और रचनात्मक सोच के उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने विभिन्न प्रतियोगिताओं और तकनीकी गतिविधियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। आयोजन का प्रमुख आकर्षण स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन-2026 के आंतरिक हैकाथॉन रहा, जिसमें विद्यार्थियों ने देश और समाज से जुड़ी वास्तविक समस्याओं के तकनीकी समाधान प्रस्तुत किए।


संकायाध्यक्ष प्रो. मयंक अग्रवाल ने महान अभियंता एवं राष्ट्रनिर्माता भारत रत्न सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया के योगदान को स्मरण करते हुए विद्यार्थियों से उनके आदर्शों को आत्मसात करने का आह्वान किया। अनुप्रयुक्त विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. एम.एम. तिवारी ने कहा कि देश को कर्तव्यनिष्ठ, दूरदर्शी और राष्ट्र के प्रति समर्पित अभियंताओं की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि पूर्ण समर्पण और जिम्मेदारी के साथ किया गया तकनीकी कार्य व्यक्ति के साथ-साथ राष्ट्र की प्रगति का आधार बनता है।
संस्थान नवाचार परिषद (आईआईसी) के संयोजक डॉ. लोकेश जोशी ने बताया कि नवाचार दूत पाठ्यक्रम सफलतापूर्वक पूरा करने वाले 25 विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। उन्होंने कहा कि नवाचार की सोच से तैयार होने वाले अभियंता देश की वास्तविक चुनौतियों के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। वहीं डॉ. निशांत कुमार ने विद्यार्थियों से तकनीकी ज्ञान को समाज और राष्ट्र की समस्याओं के समाधान में उपयोग करने का आह्वान किया।
स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन में कृषि से साइबर सुरक्षा तक दिखी प्रतिभा
स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन-2026 के आंतरिक चरण में संकाय की 36 टीमों ने आवेदन किया, जबकि 30 टीमों ने अपने विचार और तकनीकी समाधान प्रस्तुत किए। विद्यार्थियों ने कृषि, स्वास्थ्य, आपदा प्रबंधन, मौसम एवं जलवायु, भू-स्थानिक तकनीक, सरकारी डिजिटल सेवाओं, साइबर सुरक्षा, शिक्षा, पर्यटन, सांस्कृतिक विरासत और सार्वजनिक खरीद जैसे व्यापक क्षेत्रों में समाधान प्रस्तुत किए।
कृषि क्षेत्र से जुड़े नवाचारों में फसलों में रोग एवं कीट प्रकोप की समय रहते पहचान, किसानों के खरीद केंद्रों पर प्रतीक्षा समय को कम करने तथा खरीद प्रक्रिया की जानकारी उपलब्ध कराने जैसे समाधान शामिल रहे। इससे तकनीक के माध्यम से कृषि व्यवस्था को अधिक प्रभावी और किसान-केंद्रित बनाने की संभावनाएं सामने आईं।
विद्यार्थियों ने मौसम एवं जलवायु संबंधी जानकारी को संवादात्मक कृत्रिम बुद्धिमत्ता के माध्यम से उपलब्ध कराने, भूस्खलन की पूर्व चेतावनी, जोखिम निगरानी तथा शहरी भूमि अभिलेखों के प्रबंधन के लिए भू-स्थानिक आंकड़ों के एकीकरण जैसे विषयों पर भी अभिनव समाधान पेश किए।
इसके अलावा औद्योगिक सुरक्षा के लिए संवर्धित वास्तविकता आधारित प्रशिक्षण, मरीजों की केस-एंट्री प्रक्रिया को सरल बनाने, ई-मेल से जुड़े साइबर खतरों की पहचान, कानूनी एवं जांच दस्तावेजों के सुरक्षित डिजिटल प्रबंधन तथा शुरुआती अवस्था में रोगों की पहचान के लिए आधुनिक तकनीक के उपयोग पर भी विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मक सोच दिखाई।
भारतीय सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, आपदा प्रबंधन, नशीले पदार्थों के सेवन की पहचान के लिए श्वास आधारित उपकरण, संपत्तियों के त्रि-आयामी मानचित्रण, जलग्रहण क्षेत्र के विकास, छात्रवृत्ति एवं फेलोशिप प्रबंधन तथा स्टार्टअप-अनुकूल सार्वजनिक खरीद व्यवस्था से जुड़े समाधान भी प्रस्तुत किए गए।
विशेषज्ञ निर्णायक मंडल ने विद्यार्थियों के विचारों की व्यावहारिकता, नवाचार और सामाजिक उपयोगिता का मूल्यांकन किया। निर्णायक मंडल में डॉ. अनूज शर्मा, डॉ. आशीष नैनवाल, श्री अभिशांत शर्मा, श्री आयुष कुमार और डॉ. अतुल वर्ष्णेय शामिल रहे। निर्णायकों ने विद्यार्थियों को उनके समाधानों को और अधिक प्रभावी एवं उपयोगी बनाने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए।
सहायक कुलसचिव प्रो. पंकज कौशिक ने विद्यार्थियों की तकनीकी प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे नवाचारी विद्यार्थी भविष्य में राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं की तकनीकी क्षमता का सही दिशा में उपयोग देश की वास्तविक समस्याओं के समाधान का प्रभावी माध्यम बन सकता है।
इसी क्रम में कंप्यूटर विज्ञान विभाग की ओर से ऑनलाइन प्रश्नोत्तरी भी आयोजित की गई, जिसमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में ई-सेल की छात्र टीम—मयूर, मयंक, कुशाल, राम, हर्षित, अविनाश, रजत, आयुष्मान एवं उज्ज्वल—का विशेष योगदान रहा।
अभियंता दिवस पर आयोजित कार्यक्रमों ने यह संदेश दिया कि आधुनिक दौर का अभियंता केवल तकनीकी समस्याओं का समाधानकर्ता नहीं, बल्कि नवाचार, रचनात्मकता और तकनीकी सोच के माध्यम से समाज एवं राष्ट्र की दिशा बदलने वाला राष्ट्रनिर्माता भी है।



