उत्तराखंड

ऑप्टोमेट्री सेवाओं में अनियमितताओं की जांच को समिति गठित, डॉ. राजे नेगी बने मुख्य सलाहकार

ऋषिकेश।उत्तराखंड में ऑप्टोमेट्री सेवाओं से जुड़ी कथित अनियमितताओं और अनधिकृत प्रैक्टिस की शिकायतों को लेकर उत्तराखंड ऑप्टोमेट्रिस्ट एसोसिएशन ने जांच समिति गठित करने का निर्णय लिया है। योगनगरी ऋषिकेश में आयोजित राज्यस्तरीय बैठक में शिकायतों की निष्पक्ष जांच, साक्ष्यों के संकलन और संबंधित विभागों को तथ्यात्मक रिपोर्ट भेजने पर सहमति बनी। बैठक में डॉ. राजे नेगी ने एसोसिएशन की आजीवन सदस्यता ग्रहण की, जिसके बाद उन्हें मुख्य सलाहकार नियुक्त किया गया।

एसोसिएशन के प्रांतीय अध्यक्ष एवं नेत्र दृष्टि विशेषज्ञ प्रदीप सिंह पंवार की अध्यक्षता में हुई बैठक में राज्य के विभिन्न जनपदों में संचालित संस्थानों और केंद्रों की सूची तैयार कर सक्षम प्राधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत करने पर चर्चा हुई। एसोसिएशन स्वास्थ्य विभाग के संबंधित अधिकारियों और शासन को शिकायतों के तथ्यों के आधार पर आवश्यक कार्रवाई के लिए प्रकरण भेजेगी।

बैठक में निर्धारित शैक्षणिक योग्यता, आवश्यक पंजीकरण और पेशेवर नियमों के अनुरूप सेवाएं नहीं दिए जाने की आशंकाओं पर चिंता जताई गई। मरीजों को भ्रामक जानकारी देने तथा चश्मे और कॉन्टैक्ट लेंस से संबंधित अनावश्यक सेवाओं या उत्पादों की सलाह दिए जाने की शिकायतों का भी उल्लेख किया गया। गठित समिति शिकायतों को दर्ज करने, उपलब्ध दस्तावेजों एवं साक्ष्यों का संकलन करने और उन्हें संबंधित सक्षम अधिकारियों तक पहुंचाने का काम करेगी। एसोसिएशन ने स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति के विरुद्ध निष्कर्ष जांच और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर ही निकाला जाना चाहिए।

प्रांतीय अध्यक्ष प्रदीप सिंह पंवार ने पंजीकृत ऑप्टोमेट्रिस्ट से अपने-अपने जनपदों में सामने आने वाली अनियमितताओं की तथ्यात्मक जानकारी एसोसिएशन को उपलब्ध कराने की अपील की। उन्होंने क्लीनिकों और संस्थानों से लागू नियमों के अनुसार पंजीकरण प्रमाणपत्र प्रदर्शित करने तथा पेशेवर आचार संहिता का पालन सुनिश्चित करने का आह्वान किया।

मुख्य सलाहकार डॉ. राजे नेगी ने पेशेवर नैतिकता, मरीजों के प्रति संवेदनशील व्यवहार, उचित रेफरल व्यवस्था और सुरक्षित नेत्र स्वास्थ्य सेवाओं के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने नेत्र स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ ऑप्टोमेट्री सेवाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही मजबूत करने की आवश्यकता बताई।

बैठक में उपसचिव अंकुश रमोला, सचिव आनंद देव, संरक्षक हरीश चौहान, चमोली जिलाध्यक्ष हरीश थपलियाल, रुद्रप्रयाग सचिव योगेश राणा, टिहरी सचिव आशीष पोखरियाल, टिहरी उपसचिव बेताल बिष्ट, मीडिया प्रभारी विवेकानंद बडोनी, नरेंद्र सिंह रावत, धनपाल सिंह सहित एसोसिएशन के अनेक सदस्य मौजूद रहे।

एसोसिएशन ने कहा कि उसका उद्देश्य किसी निर्दोष व्यक्ति का उत्पीड़न करना नहीं, बल्कि शिकायतों की निष्पक्ष जांच के माध्यम से नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करना और आमजन को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण नेत्र स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में सहयोग देना है।

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