उत्तर प्रदेश

गंगा में श्रद्धा ठीक, लेकिन लापरवाही नहीं: उत्तराखंड के ऋषिकेश में पर्यटक हादसों ने बढ़ाई चिंता,मौत,लापता 

ऋषिकेश/ उत्तराखंड में पर्यटन सीजन के बीच शनिवार को ऋषिकेश और शिवपुरी क्षेत्र में गंगा नदी में डूबने की दो अलग-अलग घटनाओं ने सनसनी फैला दी। दोनों हादसों में अन्य राज्यों से घूमने आए पर्यटक गंगा के तेज बहाव का शिकार हो गए। एक युवक का शव SDRF ने बरामद कर लिया, जबकि दूसरे युवक की तलाश देर शाम तक जारी रही। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने प्रशासन और राहत एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है।

 

पहली घटना टिहरी गढ़वाल जनपद के शिवपुरी स्थित नमामि गंगे घाट की है। यहां राजस्थान के अलवर निवासी 24 वर्षीय वेद प्रकाश अपने चार दोस्तों के साथ गंगा में स्नान कर रहे थे। बताया गया कि सभी युवक राजस्थान की एक फैक्ट्री में कार्यरत थे और घूमने के लिए ऋषिकेश पहुंचे थे। स्नान के दौरान वेद प्रकाश अचानक गहरे पानी में चला गया और तेज बहाव में बहने लगा। दोस्तों ने बचाने का प्रयास किया, लेकिन वह नदी में लापता हो गया।

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सूचना मिलते ही SDRF की डीप डाइविंग टीम मौके पर पहुंची और सर्च ऑपरेशन शुरू किया। तेज बहाव और गहराई के कारण राहत कार्य में भारी मुश्किलें सामने आईं। देर शाम तक युवक का कोई सुराग नहीं लग पाया था।

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वहीं दूसरी घटना ऋषिकेश के साईं घाट पर हुई, जहां दिल्ली के लाडो सराय, मालवीय नगर निवासी 30 वर्षीय सोनू वर्मा गंगा में नहाने के दौरान डूब गए। सोनू बस कंडक्टर थे और पलवल से यात्रियों को लेकर ऋषिकेश आए थे। बस खड़ी करने के बाद वह चालक के साथ स्नान करने घाट पहुंचे थे। इसी दौरान उनका संतुलन बिगड़ा और वह गहरे पानी में समा गए।

 

घटना की सूचना पर SDRF ढालवाला की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। डीप डाइवरों ने करीब 15 से 20 फीट गहराई में सर्च अभियान चलाकर युवक का शव बरामद किया। बाद में शव को स्थानीय पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया।

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दोनों घटनाओं के बाद SDRF ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा कि वर्तमान समय में गंगा का जलस्तर और बहाव अत्यधिक तेज है। ऐसे में अनजान घाटों और गहरे स्थानों पर उतरना जानलेवा साबित हो सकता है। प्रशासन ने लोगों से चेतावनी बोर्डों का पालन करने और सुरक्षा निर्देशों को गंभीरता से लेने की अपील की है।

 

 

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