उत्तराखंड

ऋषिकेश मे उधार की रकम बनी खूनी रंजिश, होटल में घुसे दबंगों ने मचाया उत्पात; दो आरोपी दबोचे

देहरादून/ऋषिकेश । कारोबार के लिए दिए गए उधार के पैसे जब वापस मांगने की नौबत आई तो मामला लेन-देन के विवाद से निकलकर मारपीट, धमकी और दबंगई तक पहुंच गया। ऋषिकेश के एक प्रतिष्ठित कारोबारी के होटल में घुसकर कथित तौर पर हमला करने और उनके पुत्र को गंभीर रूप से घायल करने के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

मामले की शुरुआत 11 मई 2026 को हुई, जब ऋषिकेश-देहरादून रोड निवासी कारोबारी दिनेश कोठारी ने पुलिस को दी गई तहरीर में आरोप लगाया कि उन्होंने कुछ लोगों को उनके व्यवसाय के लिए लाखों रुपये उधार दिए थे। लंबे समय तक रकम लौटाने के आश्वासनों के बाद भी जब भुगतान नहीं हुआ और उन्होंने अपने पैसे वापस मांगने शुरू किए, तो विवाद ने उग्र रूप ले लिया।

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आरोप है कि अतुल गुप्ता, दया गुप्ता, शिवांश गुप्ता, योगेश राठी और पार्थ गुप्ता अपने कुछ साथियों के साथ कोठारी के होटल पहुंचे और वहां गाली-गलौज, धमकी तथा मारपीट की घटना को अंजाम दिया। इस दौरान कारोबारी के पुत्र सागर कोठारी को गंभीर चोटें आईं। घटना के बाद क्षेत्र में काफी देर तक तनाव का माहौल बना रहा।

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प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून ने मुकदमे की विवेचना वसंत विहार थाना प्रभारी को सौंपते हुए निष्पक्ष और प्रभावी जांच के निर्देश दिए। पुलिस टीम ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए तथा इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल साक्ष्यों को बारीकी से परखा।

जांच में मिले ठोस साक्ष्यों के आधार पर मंगलवार को पुलिस ने घटना में संलिप्त दो आरोपियों—योगेश राठी और पार्थ सिंह—को राजपुर क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में नामजद अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है और जल्द ही पूरे प्रकरण का पर्दाफाश किया जाएगा।

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पुलिस की इस कार्रवाई को ऋषिकेश के कारोबारी वर्ग ने राहत की दृष्टि से देखा है। शहर में चर्चा है कि आर्थिक लेन-देन के विवाद को हिंसा का रूप देने वालों के खिलाफ कानून का शिकंजा अब लगातार कसता जा रहा है।

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