उत्तराखंड

BD तिवारी का सख्त संदेश: अवैध निर्माण पर एमडीडीए का बुलडोजर, सहसपुर से मसूरी तक बड़ी कार्रवाई

देहरादून। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने अवैध निर्माण और अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ अपनी मुहिम को और धार देते हुए मंगलवार को सहसपुर और मसूरी क्षेत्र में बड़ी ध्वस्तीकरण कार्रवाई की। एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर (BD) तिवारी के स्पष्ट निर्देशों के बाद प्राधिकरण की टीम ने कई स्थानों पर नियमों को ताक पर रखकर किए जा रहे निर्माण कार्यों और अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के बाद भूमाफियाओं और नियमों की अनदेखी करने वालों में हड़कंप मच गया।

एमडीडीए की टीम ने सहसपुर क्षेत्र के ग्राम शेरपुर में नए हाईवे के निकट लगभग पांच बीघा भूमि पर विकसित की जा रही अवैध प्लॉटिंग पर बुलडोजर चलाया। बताया गया कि संबंधित भू-स्वामियों द्वारा प्राधिकरण से कोई वैधानिक स्वीकृति प्राप्त नहीं की गई थी। टीम ने मौके पर पहुंचकर प्लॉटिंग से जुड़े सभी विकास कार्यों को ध्वस्त कर दिया।

इसके अलावा शेरपुर स्थित सेटेनियल स्कूल के पीछे सेलाकुई क्षेत्र में किए जा रहे एक अवैध निर्माण को भी गिराया गया। कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा और पूरे अभियान को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया गया।

वहीं मसूरी रोड स्थित कोलूखेत क्षेत्र में भी एमडीडीए की टीम ने बिना स्वीकृति किए जा रहे निर्माण कार्यों पर कार्रवाई करते हुए उन्हें ध्वस्त कर दिया। अधिकारियों के अनुसार संबंधित निर्माण प्राधिकरण के मानकों और स्वीकृत नक्शों के अनुरूप नहीं थे, जिसके चलते नियमानुसार ध्वस्तीकरण किया गया।

एमडीडीए उपाध्यक्ष BD तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण और अवैध प्लॉटिंग किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास कार्य केवल नियमानुसार और स्वीकृत मानकों के अनुरूप ही किए जा सकते हैं। नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ सीलिंग, ध्वस्तीकरण और अन्य वैधानिक कार्रवाई भविष्य में भी लगातार जारी रहेगी।

एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने बताया कि प्राधिकरण क्षेत्र में नियमित निगरानी और निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। जहां भी अवैध निर्माण या प्लॉटिंग की शिकायतें मिल रही हैं, वहां तत्काल कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने लोगों से किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य शुरू करने से पहले आवश्यक अनुमति प्राप्त करने की अपील की।

एमडीडीए की इस सख्त कार्रवाई को अवैध निर्माण और भूमाफियाओं के खिलाफ बड़ी चेतावनी माना जा रहा है। प्राधिकरण ने साफ कर दिया है कि सुनियोजित विकास और नियमों के पालन से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

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