उत्तराखंड

बंशीधर तिवारी का सख्त संदेश: बिना अनुमति चल रही मस्जिद-मदरसा गतिविधियों पर एमडीडीए का शिकंजा

देहरादून। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने अवैध निर्माण और बिना वैधानिक अनुमति संचालित संस्थानों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए डोईवाला तहसील के ग्राम कण्डोगल कुडियाल (थानों) स्थित एक मस्जिद एवं मदरसा भवन को सील कर दिया। सोमवार को भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में की गई इस कार्रवाई को एमडीडीए के अवैध निर्माण विरोधी अभियान की महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है।

प्राधिकरण के अनुसार संबंधित भवन में प्रथम एवं द्वितीय तल पर बिना आवश्यक स्वीकृतियों के मस्जिद का संचालन किया जा रहा था, जबकि परिसर में मदरसा भी संचालित पाया गया। जांच के दौरान संबंधित पक्ष आवश्यक विभागीय अनुमतियां, पंजीकरण और अन्य वैधानिक अभिलेख प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके चलते भवन के विरुद्ध कार्रवाई की गई।

यह भी पढ़ें 👉  एसआरएचयू में जापानी प्रतिनिधिमंडल का दौरा, अंतरराष्ट्रीय अनुसंधान साझेदारी को मिली नई दिशा

एमडीडीए अधिकारियों ने बताया कि भवन के प्रथम तल को 17 दिसंबर 2025 को भी सील किया गया था। इसके बाद जामा मस्जिद इंतजामिया कमेटी द्वारा इमामों के आवास की व्यवस्था का हवाला देते हुए अतिरिक्त समय मांगा गया था। प्राधिकरण ने मानवीय आधार पर राहत देते हुए उत्तराखण्ड वक्फ बोर्ड का एनओसी, मदरसा शिक्षा परिषद से पंजीकरण एवं मान्यता संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे। इसके लिए कई सुनवाई तिथियां भी निर्धारित की गईं, लेकिन निर्धारित समय में आवश्यक दस्तावेज जमा नहीं किए गए।

यह भी पढ़ें 👉  अनमोल कौर के सिर सजा मिस उत्तराखंड यूनिवर्सल इंडिया 2026 का ताज

निरीक्षण के दौरान मदरसे का संचालन जारी मिलने और नियमों के लगातार उल्लंघन की पुष्टि होने पर एमडीडीए ने उत्तराखण्ड नगर एवं ग्राम नियोजन तथा विकास अधिनियम, 1973 के तहत कार्रवाई करते हुए पूरे चालानशुदा अवैध निर्माण को सील कर दिया।

कार्रवाई के दौरान सहायक अभियंता प्रमोद मेहरा, अवर अभियंता दीपक नौटियाल, नायब तहसीलदार डोईवाला राजेन्द्र सिंह रावत, थानाध्यक्ष रानीपोखरी तथा भारी पुलिस बल मौजूद रहा। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए क्षेत्र में विशेष सुरक्षा प्रबंध किए गए थे।

एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर (BD) तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण का उद्देश्य किसी समुदाय या संस्था को निशाना बनाना नहीं, बल्कि कानून का समान रूप से पालन सुनिश्चित करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी संस्थानों और भवन स्वामियों के लिए एक समान नियम लागू हैं तथा नियमों के उल्लंघन पर बिना भेदभाव के कार्रवाई की जाएगी।

यह भी पढ़ें 👉  डॉ. हरमीत कौर की मुस्कान का जादू, जीता ‘Mrs. Beautiful Smile’ का राष्ट्रीय खिताब

उन्होंने कहा कि संबंधित पक्ष को नोटिस, सुनवाई और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए पर्याप्त अवसर दिए गए थे, लेकिन नियमों का अनुपालन नहीं होने पर कार्रवाई अपरिहार्य हो गई। एमडीडीए भविष्य में भी अवैध निर्माणों और बिना अनुमति संचालित गतिविधियों के विरुद्ध अभियान जारी रखेगा।

The Latest

To Top