Entertainment

सौभाग्य:राम मंदिर इतिहास मे भूमिका निभाने वाले बख्शी जायेंगे अयोध्या,

ऋषिकेश। परशुराम महासभा के वरिष्ठ सदस्य संदीप बख्शी की राम मंदिर मे अग्रीण भूमिका रही है। इसी कड़ी मे उन्हें भगवान राम मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में सहभागिता सुनिश्चित करने का सौभाग्य मिला है। जिसको लेकर महासभा के सदस्यों की उपस्थित मे वह त्रिवेणी घाट से अयोध्या धाम के लिए प्रस्थान करेंगे। सदस्य अतुल उनियाल ने बताया कि संदीप बक्शी की राम मंदिर इतिहास मे महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उनके माध्यम से ऋषिकेश के चारों सिद्ध पीठ श्री हृषिकेश नारायण भरतजी महाराज, चंद्रेश्वर महादेव, वीरभद्र महादेव, सोमेश्वर महादेव की मिट्टी अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए समर्पित की जाएगी, जो कि समस्त क्षेत्रवासियों के लिए गौरव की बात है।

यह भी पढ़ें 👉  पहल:एम्स ऋषिकेश ने लाॅन्च किया ’क्लाइमेट न्यूजलेटर’

 

-क्या है बख्शी की स्मृति मे?

ऋषिकेश मे पंजाब पैट शाप नाम से प्रसिद्ध प्रतिष्ठान संचालित करने वाले संदीप बक्शी बताते हैं कि 1988 के करीब मैं अपने गांव दीनारपुर से रोहालकी कॉलेज जाता था। मुझे करेरा चंद जायसवाल भारतीय जनता पाटी पविधाकी द्वारा सूचना मिली कि अयोध्या से रामचन्द जन्मभूमि मुक्ति अभियान में दिगम्बर अखाड़ा के महन्त रामचन्द्र दास जी के नेतृत्व में बहादराबाद मन्दिरचौक पर एक रथ यात्रा कर आए हैं। मैंने वहां जाकर महन्त जी से मुलाकात की व मुक्ति अभियान में शामिल हुआ।

यह भी पढ़ें 👉  बुलेटिन:शाम की देश राज्यों से बड़ी खबरें फटा फट

 

और कारसेवकों के साथ

 

शामिल हो गया। अगले दिन लखनऊ में कारसेवकों को पुलिस पकड़ रही थी। तो मुझे भी गिरफ्तार कर नैनी जेल (इलाहाबाद) के लिए एक वाहन में भेज दिया। मैंने रास्ते में शौचालय का बहाना बनाया व वाहन से नीचे ऊतर कर भाग गया। खेतों के रास्ते से, ग्रामीणों के सहयोग से हम कई लोग रात को अयोध्या की तरफ चलते रहे। सरयू नदी के किनारे पर पहुंचकर हमने ग्रामीणों के साथ रात के समय अयोध्या में फिर हम दिगम्बर अखाड़ा वापस आए। 02 नवंबर को महन्त जी के निर्देशानुसार प्रस्थान के लिए आगे बढ़े। वहीं हमारे सामने ही पुलिस ने कोठारी बन्धु पर गोली चलाई, जिससे कई कार सेवक शहीद भी हुए।

यह भी पढ़ें 👉  गंगा में आस्था पर कलंक लगाने वालों के लिए बजरंग दल बना सबक

 

मेरे सिर पर लाठी लगने से मुझे राजकीय अस्पताल में भतीं होना पड़ा। उसी समय मैंने प्रंण लिया कि जबतक बाबरी मस्जिद तोड़ी नहीं जाएगी, मैं वापस अपने घर नहीं आउंगा। फिर मुझे विश्व हिंदु परिषद् का कार्य करने का सौभाग्य मिला।

 

Most Popular

To Top