उत्तराखंड

कवायद: योगनगरी रेलवे स्टेशन कम,पर्यटन स्थल ज्यादा दिखेगा,अब उत्तर रेलवे ही स्टेशन को विकसित करेगा,,,

ऋषिकेश। योगनगरी स्टेशन को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने का काम अब रेलवे डिपार्टमेंट ही करेगा। जिसमे यात्रियों को हर सुविधा के लिए अतिरिक्त शुुल्क देना होगा। मुरादाबाद रेल मंडल के योग नगरी समेत देश भर के सौ स्टेशनों पर अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने का काम इंडियन रेलवे स्टेशन डेवलपमेंट कॉरपोरेशन को सौंपा गया था।

 

इस बीच रेलवे के सार्वजनकि क्षेत्र उपक्रम को लेकर प्रिसिंपल इकोनामिक एडवाजर संजीव सान्याल ने रिपोर्ट तैयार की, जिसमें रेलवे के कई उपक्रमों को बंद करने की सलाह दी गई। इस रिपोर्ट के बाद रेलवे बोर्ड के उपनिदेशक हरीश चंद्रा ने पत्र जारी कर आइआरएसडीसी को स्थायी रूप से बंद करने की जानकारी दी।

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इसके साथ ही चयनित स्टेशनों पर सुविधाओं का विकास करने का जिम्मा क्षेत्र के जोनल रेल प्रशासन को सौंपने के आदेश दिए। इस आदेश के बाद योगनगरी स्टेशन समेत अन्य स्टेशनों का विकास व रख-रखाव उत्तर रेलवे मुख्यालय ही करेगा।

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योगनगरी रेलवे स्टेशन गंगा नदी के किनारे व दो पहाड़ों के बीच बना है। प्लेटफार्म से पहाड़ के मनोहारी दृश्य दिखायी देते हैं। प्लेटफार्म के अंतिम कोने व सरकुलेटिंग एरिया के अंतिम छोर पर पर्यटकों के बैठने ,खाने-पीने की चीजें उपलब्ध होंगी। यहां टैक्सी भी उपलब्ध होगी।

 

स्टेशन परिसर के साथ प्लेटफार्म मॉल की तरह विकसित होगा। दूसरे चरण में मुरादाबाद, बरेली, हरिद्वार रेलवे स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं को विकसित किया जाएगा। हालांकि सुविधाओं के लिए अतिरिक्त रुपये खर्च करने पड़ेंगे। यानी स्टेशन व प्लेटफार्म पर कोई भी सुविधा निशुल्क में नहीं होगी। प्रवर मंडल वाणिज्य प्रबंधक सुधीर सिंह ने बताया कि रेलवे बोर्ड ने आइआरएसडीसी को बंद कर दिया है। अब योगनगरी स्टेशन का विकास उत्तर रेलवे मुख्यालय द्वारा किया जाएगा। योगनगरी स्टेशन पर हवाई अड्डा की भांति ही सुविधाएं मिलेगी।

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