उत्तराखंड

विजीलेंस की रिपोर्ट: उत्तराखंड दारोगा भर्ती में क्या है अब तक का सबसे बड़ा खुलासा

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दारोगा भर्ती घोटाले में बड़ी खबर, जांच पूरी, विजीलेंस ने शासन को सोंपी रिपोर्ट

देहरादून, उत्तराखंड में सुर्खियों में रही दरोगा भर्ती धांधली में शामिल आरोपित पुलिस दारोगाओं पर लटकी तलवार और करीब आ गयी है। मामले की जांच कर रही विजिलेंस ने अपनी जांच पूरी कर शासन को रिपोर्ट सौंप दी है। उल्लेखनीय है कि 20 दारोगा पिछले साल जनवरी माह से यानी एक वर्ष से निलंबित चल रहे हैं। अब शासन इन दरोगाओं के भविष्य का फैसला लेना है।

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जानकारी के अनुसार विजिलेंस ने अपनी जांच पूरी कर जांच रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। जल्द सतर्कता समिति की बैठक में इन दरोगाओं के खिलाफ मुकदमे या अन्य कार्रवाई पर फैसला किया जाना है। सूत्रों के अनुसार विजिलेंस को अपनी जांच में कई दरोगाओं के द्वारा पैसे देकर भर्ती होने के साक्ष्य नहीं मिले हैं, जबकि कई दारोगाओं पर आरोपों की पुष्टि हुई है।
गौरतलब है कि मई 2022 में एसटीएफ ने यूकेएसएसएससी की स्नातक स्तरीय परीक्षा धांधली की जांच शुरू की थी। इसी दौरान 2015 में पंतनगर विवि ने आयोजित कराई गयी दरोगा सीधी भर्ती परीक्षा में भी बड़े पैमाने पर धांधली होने की बात सामने आई थी।

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इस भर्ती परीक्षा में कुल 339 दरोगा सीधी भर्ती के माध्यम से भर्ती हुए थे। तब संदेह जताया गया था कि कुल भर्ती दरोगाओं में से करीब एक तिहाई दरोगा नाकाबिल हैं। इनमें से ज्यादातर को अपनी केस डायरी तक लिखना नहीं आता है। इन सब कामों के लिए भी वह दूसरों का सहारा लेते हैं।
पुलिस मुख्यालय की संस्तुति के बाद इस मामले को विजिलेंस को सौंपा गया था। विजिलेंस ने आठ अक्तूबर 2022 को नकल माफिया समेत कुल आठ लोगों के खिलाफ हल्द्वानी सेक्टर में मुकदमा दर्ज किया था। इस दौरान संदेह के आधार पर पुलिस मुख्यालय ने जनवरी 2023 में 20 दरोगाओं को निलंबित कर दिया गया था।

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