
हल्द्वानी: उत्तराखंड में तैनात काठगोदाम सीआरपीएफ कैंप में सब इंस्पेक्टर ने मौत को गले लगा लिया। जवान बेटे की मौत से परिवार टूट गया है। एक साल के भीतर परिवार ने दो बेटो को खो दिया। बताया जा रहा है कि बेटे को समझाकर परिवार घर लौट रहा था कि तभी परिवार को बेटे की मौत की खबर मिली। एक साल में दो बेटो की मौत की खबर से परिवार में कोहराम मचा है। मृतक दरोगा की तीन माह पहले ही शादी हुई थी।
मीडिया रिपोर्टस के अनुसार बीते दिनों सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर काठगोदाम में तैनात सब इंस्पेक्टर ने सुसाइड कर लिया था। हरियाणा के रहने वाले दरोगा सचिन कुमार ने बैरक के अंदर फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला को समाप्त कर दिया था। घटना के दिन सचिन के परिजन हल्द्वानी पहुंचे थे और वह वापस निकले ही थे कि उन्हें यह अशुभ समाचार मिल गया। बताया जा रहा है कि सचिन अपनी नौकरी से खुश नहीं था। वह 1 महीने पहले ही अपनी ट्रेनिंग पूरी करने के बाद काठगोदाम पहुंचा था।
सचिन के पिता विजय कुमार ने पुलिस को बताया कि उनका बड़ा बेटा भारतीय वायु सेना में था जो 1 साल पहले देश की रक्षा करते हुए शहीद हो गया था. बड़े भाई की मौत के बाद सचिन पूरी तरीके से टूट गया था और इस वजह से वह सीआरपीएफ की नौकरी नहीं करना चाहता था। परिजनों का कहना है कि सचिन होनहार था और इस वजह से ही वह सीआरपीएफ की भर्ती परीक्षा में सफल हुआ था। सचिन की मौत के बाद परिजन सदमे में है। सीआरपीएफ में सचिन के साथियों कहना है कि वह काफी मिलनसार था और इस तरीके का कोई कदम उठा लेगा इसकी उन्होंने कल्पना भी नहीं की थी।




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