उत्तराखंड

सावन: सोमवार आज जानिए पार्थिव शिवलिंग पूजने का विशेष महत्व…

सावन को शिवजी का महीना माना जाता है। इस दौरान पार्थिव लिंग बनाकर शिव पूजन करने का विशेष पुण्य मिलता है। शिव पुराण में पार्थिव शिवलिंग पूजा का महत्व बताया गया है। कलयुग में कूष्मांड ऋषि के पुत्र मंडप ने पार्थिव पूजन प्रारम्भ किया था। शिव महापुराण के अनुसार पार्थिव पूजन से धन, धान्य, आरोग्य और पुत्र प्राप्ति होती है। वहीं मानसिक और शारीरिक कष्टों से भी मुक्ति मिल जाती है।

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शिव महापुराण समेत अनेक पुराणों में भगवान शिव को प्रसन्न करने की तमाम विधियां बताई गई हैं, जिसमें जलाभिषेक, रुद्राभिषेक आदि हैं। इसी के साथ पार्थिव शिवलिंग पूजन का विशेष महत्व बताया गया है।

पार्थिव पूजन से अकाल मृत्यु का भय समाप्त होता है। शिवजी की अराधना के लिए पार्थिव पूजन सभी लोग कर सकते हैं, फिर चाहे वह पुरुष हो या फिर महिला। यह सभी जानते हैं कि शिव कल्याणकारी हैं। जो पार्थिव शिवलिंग बनाकर विधिवत पूजन अर्चना करता है, वह दस हजार कल्प तक स्वर्ग में निवास करता है। शिवपुराण में लिखा है कि पार्थिव पूजन सभी दुःखों को दूर करके सभी मनोकामनाएं पूर्ण करता है। यदि प्रतिदिन पार्थिव पूजन किया जाए तो इस लोक तथा परलोक में भी अखण्ड शिव भक्ति मिलती है।

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पार्थिव पूजन से धन, धान्य, आरोग्य और पुत्र प्राप्ति होती है। वहीं मानसिक और शारीरिक कष्टों से भी मुक्ति मिल जाती है।

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