उत्तराखंड

Big Breaking: केदारनाथ में पूर्व सीएम त्रिवेंद्र को नही मिली एंट्री, तीर्थ पुरिहितों ने धक्का देकर लौटाया

रुद्रप्रयाग: चारों धामों के तीर्थ पुरोहितों और हकूकधारियों के आंदोलन ने देवस्थाम बोर्ड भंग करने की मांग को लेकर उग्र रूप से ले लिया ह। इस बीच केदारनाथ धाम पहुंचे पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत को तीर्थ पुरोहितों के विरोध का सामना करना पड़ा। तीर्थ पुरोहितों ने पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत को संगम पुल पर रोका और धक्का देकर लौटा दिया। इस दौरान तीर्थपुरोहित एवं हक-हकूकधारियों ने इस दौरान खूब नारेबाजी की और उनका जमकर विरोध किया। तीर्थ पुरोहितों का कहना है कि राज्य सरकार ने दो महीने का समय मांगा था लेकिन सरकार वादाखिलाफी कर रही है। देवस्थानम बोर्ड पर कोई फैसला ना आने से तीर्थ पुरोहितों में आक्रोश है। बताया जा रहा है कि स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक से तीर्थ पुरोहितों की वार्ता की है।

यह भी पढ़ें 👉  सितंबर तक आढ़त बाजार में दुकानों का आवंटन, विधायक चमोली और बीडी तिवारी ने दिए समयबद्धता के निर्देश

आपको बता दें कि उत्तराखंड सरकार ने साल 2019 में विश्व विख्यात चारधाम समेत प्रदेश के अन्य 51 मंदिरों को एक बोर्ड के अधीन लाने को लेकर उत्तराखंड चारधाम देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड का गठन किया था। बोर्ड के गठन के बाद से ही लगातार धामों से जुड़े तीर्थ पुरोहित और हक-हकूकधारी इसका विरोध कर रहे हैं। बावजूद इसके तत्कालीन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने तीर्थ पुरोहितों के विरोध को दरकिनार करते हुए चारधाम देवस्थानम बोर्ड को लागू किया था। जिसका विरोध किया जा रहा है। देवस्थानम बोर्ड भंग नहीं होने से केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के तीर्थ पुरोहितों में रोष है। उधर देवस्थानम बोर्ड व एक्ट वापस नहीं होने पर तीर्थ पुरोहितों ने सोमवार को गंगोत्री धाम बंद रखने का निर्णय लिया है।

यह भी पढ़ें 👉  राखियों के रंग में रंगा डीएवी कॉलेज, रक्षाबंधन पर गूंजा भाईचारे का संदेश
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

The Latest

To Top