उत्तराखंड

बग्वाल मेलाः 10 मिनट चली ऐतिहासिक बग्वाल में करीब 80 लोग घायल…

Bagwal Mela: चम्पावत जनपद के देवीधुरा में लगने वाले मां बाराही धाम के बग्वाल मेले की धूम उत्तराखंड में है। शुक्रवार को मेले में जहां सीएम धामी ने शिरकत की। वहीं हजारों दर्शकों के सामने बग्वाल युद्ध हुआ। बाराही धाम देवीधुरा (Barahi dham Devidhura) में खोलीखाड़ दुर्बाचौड़ मैदान बग्वाल युद्ध (Bagwal war) खेला गया है। ज‍िसमें रणबांकुरों ने एक दूसरे पर फल, फूल और पत्थरों से हमला किया। इसमें कई लोगों के घायल होने की सूचना है।

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मीडिया रिपोर्टस के अनुसार चंपावत जिले के बाराहीधाम देवीधुरा में हर साल रक्षाबंधन के दिन पत्थर मार बग्वाल युद्ध होता है। इस साल इस अनोखे बगवाल युद्ध की अवधि करीब दस मिनट रही। लाठी और रिंगाल की बनी ढालों से खुद को बचाया भी। बताया जा रहा है कि इस दौरान करीब अस्सी रणबांकुरे चोटिल हो गए। जिनका स्वास्थ्य कर्मियों ने इलाज किया। जो लोग घायल हुए उनका रक्त माँ बाराही को अर्पित माना जाता है।  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी बग्वाल मेले में हिस्सा लेने पहुंचे, उल्लेखनीय है कि सीएम धामी ने इस उत्सव को उत्तराखंड सरकार का उत्सव घोषित किया था। बग्वाल युद्ध देखने के लिए हजारों लोग मैदान में पहुंचे।

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मान्यता के अनुसार अतीत काल में यहां नरबलि देने की प्रथा थी, लेकिन जब चम्याल खाम की एक वृद्धा के एकमात्र पौत्र की बलि देने की बारी आई तो वंश नाश के डर से उसने मां बाराही की तपस्या की। माता के प्रसन्न होने पर वृद्धा की सलाह पर चारों खामों के मुखियाओं ने आपस में युद्ध कर एक मानव के बराबर रक्त बहाकर कर पूजा करने की बात स्वीकार ली, तभी से ही बगवाल का सिलसिला चला आ रहा है।

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