उत्तराखंड

हिम्स जौलीग्रांट में कैंसर चिकित्सा को नई दिशा देने पर जोर, देशभर के विशेषज्ञों ने साझा किए आधुनिक उपचार के अनुभव

 

देहरादून/डोईवाला। कैंसर के बेहतर उपचार, आधुनिक चिकित्सा तकनीकों और शोध को बढ़ावा देने के उद्देश्य से हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (हिम्स), जौलीग्रांट में भारतीय विकिरण कैंसर चिकित्सक संघ (एआरओआई) की 30वीं नॉर्थ जोन कांफ्रेंस आयोजित की गई। सम्मेलन में देशभर से 200 से अधिक कैंसर विशेषज्ञों, चिकित्सकों, शिक्षाविदों और विद्यार्थियों ने प्रतिभाग कर कैंसर उपचार की नवीन तकनीकों और वैज्ञानिक शोध पर विचार-विमर्श किया।

 

 

 

आदि कैलाश सभागार में आयोजित सम्मेलन का शुभारंभ डॉ. स्वामी राम के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। मुख्य अतिथि स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. प्रसाद वाडेगांवकर ने कहा कि कैंसर चिकित्सा में शोध, आधुनिक तकनीकों और विशेषज्ञों के अनुभवों का आदान-प्रदान बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए आवश्यक है। ऐसे सम्मेलन चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान को प्रोत्साहित करने के साथ चिकित्सकों को नई उपचार पद्धतियों से परिचित कराते हैं।

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विश्वविद्यालय के प्रति कुलपति डॉ. एके देवरारी ने कैंसर के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने को सामूहिक जिम्मेदारी बताया। आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ. सुनील सैनी ने कहा कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के उपचार में आधुनिक तकनीकों के साथ विभिन्न चिकित्सा विशेषज्ञों के बीच समन्वय महत्वपूर्ण है। समिति के सचिव डॉ. विपुल नौटियाल ने बताया कि सम्मेलन में कैंसर उपचार की जटिल चुनौतियों, नवीन तकनीकों और वैज्ञानिक शोध पर चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने मरीजों को अधिक सटीक, सुरक्षित और प्रभावी उपचार उपलब्ध कराने पर जोर दिया।

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51 शोधपत्र प्रस्तुत, पांच का मौखिक प्रस्तुति के लिए चयन

 

सम्मेलन के वैज्ञानिक सत्रों में सिर एवं गर्दन के कैंसर, मरीज की जरूरत के अनुसार रेडिएशन उपचार में बदलाव, दोबारा विकिरण उपचार, सटीक विकिरण चिकित्सा और वैज्ञानिक प्रमाणों पर आधारित कैंसर प्रबंधन जैसे विषयों पर व्याख्यान और चर्चा हुई। डॉ. मनोज गुप्ता, डॉ. दीपक अबरोल और डॉ. प्रदीप गर्ग ने जटिल मामलों में उपचार संबंधी निर्णयों तथा विभिन्न चिकित्सा विशेषज्ञताओं के बीच बेहतर तालमेल के महत्व पर प्रकाश डाला।

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युवा चिकित्सकों और शोधार्थियों को प्रोत्साहित करने के लिए सम्मेलन में 51 शोधपत्र प्रस्तुत किए गए, जिनमें से पांच का चयन मौखिक प्रस्तुति के लिए किया गया। इसके अलावा डॉ. बीडी गुप्ता स्मृति व्याख्यान आयोजित किया गया, जिसमें डॉ. नीरज जैन ने विकिरण चिकित्सा के विकास पर व्याख्यान दिया।

 

इस अवसर पर डॉ. विजेन्द्र चौहान, डॉ. रेनू धस्माणा, डॉ. विपुल नौटियाल, डॉ. मनोज गुप्ता, डॉ. दीपक अबरोल, डॉ. प्रदीप गर्ग, डॉ. विनय कुमार, डॉ. मानसी बर्थवाल, डॉ. अनमोल महानी, डॉ. अनु अग्रवाल और डॉ. रविकांत सहित अनेक विशेषज्ञ उपस्थित रहे।

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