उत्तराखंड

उत्तराखंडः डॉक्टरों ने घोषित कर दिया था मृत, अंतिम संस्कार से पहले चलने लगी सांसें, चमत्कार या…

डोईवालाः हरिद्वार से एक हैरतअंगेज मामला सामने आया है। यहां जिस शख्स को डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया था। उसी शख्स की अंतिम संस्कार से पहले सांसे चलनी लगी। बताया जा रहा है कि अस्पताल ने मरीज को वेंटिलेटर पर रखने के बाद मृत घोषित कर दिया। मरीज के परिजन अंतिम संस्कार के लिए उसे घर लाए तो इस बीच पता चला कि वो तो जिंदा है। इसके बाद मरीज को फिर से दूसरे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहां उनका इलाज चल  रहा है। वहीं मरीज के बेटे ने अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई की अपील की है।

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मीडिया रिपोर्टस के अनुसार खानपुर क्षेत्र के कर्णपुर गांव निवासी अजब सिंह की तबीयत खराब होने पर स्वजन डोईवाला स्थित हिमालयन अस्पताल लेकर गए थे। बताया गया कि उनका ब्लड प्रेशर काफी कम हो गया था। उपचार के दौरान चिकित्सकों ने उन्हें वेंटीलेटर पर रखा था। उपचार के दौरान चिकित्सकों ने उन्हें वेंटिलेटर पर रखा था। चार दिन तक अजब सिंह वेंटिलेटर पर रखे गए। डॉक्टर ये बताते रहे कि उनकी तबीयत नहीं सुधरी है। परिजनों के अनुसार बीते दिन चिकित्सक ने अजब सिंह को मृत घोषित कर दिया। वेंटिलेटर से हटाकर उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया।

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बताया गया कि जब अंतिम संस्कार से पहले उन्हें नहलाया जा रहा था तभी उनकी सांस चलती महसूस हुई। इसके बाद आनन फानन स्वजन उन्हें अस्पताल लेकर आए। फिलहाल लक्सर के एक अस्पताल में ग्रामीण को भर्ती कराया गया है। जहां उनका उपचार चल रहा है। वहीं मरीज के बेटे का कहना है कि डॉक्टर उनकी हालत खतरे से बाहर बता रहे हैं। वह सभी को पहचानकर ठीक से बोल व सुन पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिता के ठीक होने पर वह अस्पताल प्रबंधन की शिकायत करेंगे।

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