MDDA का अवैध निर्माण पर बड़ा प्रहार, धौरण रोड से सहस्त्रधारा रोड तक तीन निर्माण सील
देहरादून। राजधानी में अवैध निर्माण के खिलाफ मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA) ने सख्त कार्रवाई करते हुए धौरण रोड और सहस्त्रधारा रोड पर तीन स्थानों पर अनधिकृत निर्माण सील कर दिए। प्राधिकरण की प्रवर्तन टीम ने शनिवार को कार्रवाई के दौरान स्वीकृत मानचित्रों से विचलन कर भवन निर्माण करने और बिना मानचित्र स्वीकृति के दुकानें बनाने के मामले पकड़े। संबंधित मामलों में नियमानुसार वाद योजित करने के बाद सीलिंग की कार्रवाई की गई।


एमडीडीए के अनुसार, धौरण रोड स्थित आईटी पार्क क्षेत्र के दून डिवाइन परिसर में मैसर्स युग रियल एलएलपी (देवेश वरयानी) की ओर से छह स्वीकृत मानचित्रों के तहत प्रस्तावित निर्माणों को आपस में जोड़कर एक भवन के रूप में विकसित किया जा रहा था। प्राधिकरण का कहना है कि स्वीकृत मानचित्रों से हटकर फ्लैट बनाने के उद्देश्य से निर्माण किया जा रहा था। इस मामले में उत्तराखंड (उत्तर प्रदेश नगर योजना एवं विकास) अधिनियम के तहत वाद योजित कर संबंधित निर्माण को सील कर दिया गया।
इसी क्रम में सहस्त्रधारा रोड स्थित मंदाकिनी विहार में शुभ्रा राय की ओर से बिना मानचित्र स्वीकृति के तीन दुकानों का निर्माण किया जा रहा था। प्राधिकरण ने संबंधित पक्ष को अपना पक्ष रखने और आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत करने के लिए अवसर दिया, लेकिन संतोषजनक जवाब और दस्तावेज नहीं मिलने पर निर्माण सील कर दिया। वहीं, सहस्त्रधारा रोड पर नॉर्थ साइड सिटी पार्क के निकट साहनी की ओर से बिना मानचित्र स्वीकृति के बनाई जा रही चार दुकानों को भी सील किया गया।
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि देहरादून और आसपास के क्षेत्रों का सुनियोजित विकास सुनिश्चित करना प्राधिकरण की प्राथमिकता है। प्रत्येक निर्माण निर्धारित भवन उपविधियों और स्वीकृत मानचित्र के अनुरूप होना चाहिए। बिना अनुमति निर्माण अथवा स्वीकृत मानचित्र में मनमाने बदलाव करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने भवन निर्माणकर्ताओं और आमजन से निर्माण शुरू करने से पहले आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त करने की अपील की।
प्राधिकरण के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने बताया कि क्षेत्र में अनधिकृत निर्माणों पर नियमित निगरानी रखी जा रही है। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित पक्ष को नियमानुसार अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाता है। निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद सीलिंग सहित आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शहर के नियोजित विकास के लिए अवैध निर्माणों के विरुद्ध अभियान आगे भी जारी रहेगा।



