उत्तराखंड

डीएम सविन बंसल का बड़ा प्रहार: एटीएस कॉलोनी में दहशत फैलाने वाला बिल्डर 6 माह के लिए जिला बदर

देहरादून। राजधानी की पॉश एटीएस कॉलोनी में वर्षों से विवाद, दबंगई और भय का पर्याय बने बिल्डर पुनीत अग्रवाल पर आखिरकार जिला प्रशासन का शिकंजा कस गया। जिला मजिस्ट्रेट सविन बंसल ने स्वतः संज्ञान लेते हुए आरोपी बिल्डर को उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड गुंडा नियंत्रण अधिनियम-1970 के तहत “गुंडा” घोषित कर छह माह के लिए देहरादून जनपद से जिला बदर कर दिया है। प्रशासन की इस कार्रवाई को राजधानी में अपराध और रसूखदार दबंगई के खिलाफ सबसे बड़े संदेश के रूप में देखा जा रहा है।

एटीएस कॉलोनी में लंबे समय से रहवासियों के बीच भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ था। आरोप है कि बिल्डर पुनीत अग्रवाल न केवल लोगों को धमकाता था, बल्कि महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों तक के साथ अभद्र व्यवहार करने से भी पीछे नहीं हटता था। मामला तब और गंभीर हो गया जब डीआरडीओ में तैनात वैज्ञानिक के परिवार के साथ मारपीट की घटना सामने आई। विवाद के दौरान वैज्ञानिक का कान का पर्दा फट गया था और परिवार की महिलाओं के साथ भी अभद्रता की गई थी।

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25 अप्रैल 2026 को कॉलोनीवासियों और डीआरडीओ अधिकारियों द्वारा जिलाधिकारी न्यायालय में शिकायत पहुंची। शिकायत के बाद जिला प्रशासन ने मामले को बेहद गंभीरता से लेते हुए गोपनीय जांच कराई। जांच में सामने आया कि आरोपी के खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं और उसका व्यवहार लगातार क्षेत्र में दहशत का वातावरण बना रहा था। वायरल वीडियो, स्थानीय निवासियों की शिकायतें और पुलिस रिकॉर्ड न्यायालय में महत्वपूर्ण साक्ष्य बने।

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जिलाधिकारी न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि आरोपी की गतिविधियां समाज में भय और अशांति फैलाने वाली हैं तथा जनसुरक्षा के लिए उसका जनपद से बाहर रहना आवश्यक है। आदेश के अनुसार आरोपी अगले छह माह तक देहरादून की सीमा में प्रवेश नहीं कर सकेगा। यदि उसने आदेश का उल्लंघन किया तो उसके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। थाना रायपुर पुलिस को 24 घंटे के भीतर आदेश की तामील कराने के निर्देश दिए गए हैं।

बताया गया कि यह पहला मामला नहीं है जब बिल्डर पुनीत अग्रवाल विवादों में घिरा हो। इससे पहले दीपावली के दौरान नाबालिग बच्चों पर पिस्टल लहराने के मामले में भी जिलाधिकारी सविन बंसल ने उसका शस्त्र लाइसेंस निलंबित कर हथियार जब्त कराया था। आरोपी के खिलाफ मारपीट, धमकी, अवैध कब्जा, गाली-गलौज और उत्पीड़न जैसे मामलों में बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत पांच मुकदमे दर्ज बताए जा रहे हैं।

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जिला प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद एटीएस कॉलोनी सहित पूरे शहर में यह संदेश गया है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है। प्रशासन ने साफ किया है कि महिलाओं, बच्चों और आम नागरिकों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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