उत्तराखंड

श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी का संकल्प: SGRRU ने धराली आपदा पीड़ितों को राहत और जीवन की नई उम्मीद दी

देहरादून। स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर जहां देशभर में आजादी का जश्न मनाया जा रहा था, वहीं श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय ने मानवीय संवेदनाओं की अनूठी मिसाल पेश की। उत्तरकाशी के धराली आपदा पीड़ितों के लिए विश्वविद्यालय ने राहत सामग्री से भरे दो ट्रक और चार वाहनों को शुक्रवार सुबह रवाना किया।

विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. कुमुद सकलानी और रजिस्ट्रार डॉ. लोकेश गंभीर ने हरी झंडी दिखाकर इस राहत काफिले को विदा किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के माननीय प्रेसीडेंट श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज ने कहा—
“संकट की इस घड़ी में एसजीआरआर परिवार पीड़ितों के साथ है। यह केवल मदद नहीं, बल्कि हमारा धर्म और कर्तव्य है।”

यह भी पढ़ें 👉  एसआरएचयू में जगी ‘द स्पार्क विदिन’, टेडएक्स के मंच से गूंजेंगे बदलाव के विचार

धराली की प्राकृतिक आपदा ने कई परिवारों को उजाड़ दिया है। ऐसे समय में एसजीआरआर विश्वविद्यालय और श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल ने न सिर्फ राहत सामग्री भेजने का बीड़ा उठाया है, बल्कि पीड़ितों को निःशुल्क उपचार और उनके बच्चों को निःशुल्क शिक्षा देने का भी संकल्प लिया है।

यह भी पढ़ें 👉  एसआरएचयू में जगी ‘द स्पार्क विदिन’, टेडएक्स के मंच से गूंजेंगे बदलाव के विचार

राहत सामग्री में दवाइयां, खाद्यान्न, कंबल, कपड़े और आवश्यक वस्तुएं शामिल हैं, जिन्हें एसजीआरआर पब्लिक स्कूल बड़कोट और एसजीआरआर पब्लिक स्कूल पुरोला के माध्यम से प्रभावित गांवों तक पहुंचाया जा रहा है। स्कूल की प्रधानाचार्य कमला रावत और उत्तम सिंह चौहान ने प्रशासन के सहयोग से राहत वितरण को सुनिश्चित किया।

यह भी पढ़ें 👉  एसआरएचयू में जगी ‘द स्पार्क विदिन’, टेडएक्स के मंच से गूंजेंगे बदलाव के विचार

धराली की टूटी छतों और ठंडी हवाओं के बीच यह राहत सामग्री पीड़ितों के लिए सिर्फ सामान नहीं, बल्कि जीवन में फिर से भरोसा जगाने वाली उम्मीद की किरण है। यह पहल साबित करती है कि एसजीआरआर केवल शिक्षा और स्वास्थ्य का केंद्र नहीं, बल्कि संवेदनशीलता और सामाजिक उत्तरदायित्व का प्रतीक भी है।

The Latest

To Top