उत्तराखंड

खेल महाकुंभ पर अड़चन बने आंदोलनरत शिक्षक, मुख्य सचिव को नाराजगी भरा पत्र लिखेंगी खेल मंत्री

खेल महाकुंभ 2023 उत्तराखंड में खेल महाकुंभ का आयोजन एक बड़ी मुसीबत में फंस गया है. खेल विभाग द्वारा आयोजित किए जाने वाले इस महाआयोजन में इस बार शिक्षा विभाग के आंदोलित शिक्षक अड़चन पैदा कर रहे हैं. खास बात ये है कि अब खेल मंत्री को इस मामले पर मुख्य सचिव को पत्र लिखना पड़ रहा है

देहरादून: उत्तराखंड में छात्रों के लिए आयोजित होने वाला खेल महाकुंभ इस बार अच्छे से पूरा किया जाना चाहिए था, लेकिन शिक्षा विभाग के शिक्षकों के आंदोलन ने इस महाआयोजन को मुसीबत में डाल दिया है। शिक्षक अपनी मांगों के लिए आंदोलन कर रहे हैं और उन्होंने अपने आंदोलन के दौरान शैक्षणिक कार्यों के अलावा बाकी सभी कार्यों में सहयोग नहीं करने का ऐलान किया है।

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खेल महाकुंभ में आयोजन के लिए शिक्षकों का अहम रोल है, और उनके बिना इस आयोजन को करना मुमकिन भी नहीं है। शायद इसीलिए अभी तक न्याय पंचायत स्तर पर होने वाले आयोजन पूरे नहीं हो पाए हैं, जबकि करीब 15 नवंबर तक इन आयोजनों को सभी जिलों में न्याय पंचायत स्तर पर पूर्ण हो जाना चाहिए।

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खेल विभाग द्वारा तय कार्यक्रम के अनुसार 15 नवंबर से ब्लॉक स्तर पर इसके आयोजन किए जाने थे. इसके बाद जिला और प्रदेश स्तर पर भी इसके आयोजन होने हैं. लेकिन पहले चरण में ही न्याय पंचायत स्तर पर इसके आयोजन न होने के कारण आगे के चरण के कार्यक्रम नहीं हो पा रहे हैं.

इस पूरे मामले को लेकर खेल मंत्री रेखा आर्य ने मुख्य सचिव को पत्र लिखने का निर्णय ले लिया है. इस पत्र के जरिए वह अपनी नाराजगी भी जाहिर करेंगी और शिक्षकों द्वारा खेल महाकुंभ के लिए सहयोग नहीं करने पर वह मुख्य सचिव से इसको लेकर व्यवस्था करने की भी बात कहेंगी.

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खेल मंत्री रेखा आर्य के मुताबिक इन आयोजनों को अब तक कई स्तर पर कर लिया जाना चाहिए था. लेकिन शिक्षकों द्वारा इस पर सहयोग नहीं करने के कारण आयोजन नहीं हो पा रहे हैं. जबकि यह आयोजन स्कूली छात्रों के लिए है. शिक्षकों के बिना इसे करना मुमकिन नहीं है. उन्होंने कहा कि शिक्षक खेल को शैक्षणिक कार्य से अलग मान रहे हैं जो कि दुर्भाग्यपूर्ण है.

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