उत्तराखंड

देश भावना:पैरा मिलिट्री फ़ोर्स के जवानों को भी मिले शहीद का दर्जा:विपिन गौड़,,

-शहीद अनुसूया प्रसाद की श्रद्धांजलि सभा मे पहुंचे दिग्गज,स्मृति मे विभिन्न खेल प्रतियोगिता का आयोजन-

-कैबनेट मिनिस्टर गणेश जोशी ने भी की शिरकत-

देहरादून। आज ग्राम सभा भाऊवाला में हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी वीर शहीद अनुसूया प्रसाद मेमोरियल समिति द्वारा शहीद अनुसूया प्रसाद (10 महार) महावीर चक्र की श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस मौके पर प्रदेश के कैबनेट मंत्री गणेश जोशी ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। जबकि विशिष्ट अतिथि मे विधायक सहदेव पुंडीर एवं विपिन गौड़ महासचिव न्यूज़पेपर एसोसिएशन ऑफ इंडिया नई दिल्ली ने अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई।

यह भी पढ़ें 👉  हिम्स–टीएचडीसी की साझेदारी बनी टिहरी की सेहत की नई ताकत, अब हर बुधवार गांव के करीब मिलेगा विशेषज्ञ उपचार

इस मौके पर मंत्री जोशी ने कहा कि देश पर मर मिटने वालों की शहादत को बेकार नहीं जाने दिया जायेगा। सरकार इसके लिए ठोस रणनीति पर काम कर रही है।

इस अवसर पर शहीद की स्मृति में सप्तम बैडमिंटन/ वॉलीबॉल प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले  छात्रों को सम्मानित किया गया,यह प्रतियोगिता डॉल्फिन कॉलेज के सहयोग से करवाई गई।

जिसमें प्रधानाचार्य गुरु राम राय इंटर कॉलेज भाऊवाला ,प्रधानाचार्य दून हेरिटेज स्कूल भाऊवाला एवं समाज सेवी रवि नेगी क्षितीज एसोसिएट,पिंडर घाटी संस्था अध्यक्ष,श्रीमती चित्रा देवी,अनिल गौड,मोहन गौड ,प्रदीप पुंडीर,राकेश गौड,शंभू प्रसाद चूड़ियाल ने उपस्थित होकर विजिताओं को ट्राफी एवं नकद पुरस्कार प्रदान किया। इसके अलावा सभा मे वीर नारी चित्रा देवी पत्नी स्वर्गीय अनुसूया प्रसाद महावीर चक्र विजेता एवं विनीता बिष्ट पत्नी स्वर्गीय गजेंद्र बिष्ट अशोक चक्र विजेता भी उपस्थित रहे।

यह भी पढ़ें 👉  हिम्स–टीएचडीसी की साझेदारी बनी टिहरी की सेहत की नई ताकत, अब हर बुधवार गांव के करीब मिलेगा विशेषज्ञ उपचार

-Nai के महासचिव ने की विभिन्न मांग-

श्रद्धांजलि सभा मे बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे न्यूज़पेपर एसोसिएशन ऑफ इंडिया नई दिल्ली के महा सचिव विपिन गौड़ ने अपने सम्बोधन मे राज्य सरकार से मांग की कि सेना से जुड़े जवानों की भांति पैरा मिलिट्री के जवानों को भी उनकी शहादत के बाद उन्हें शहीद का दर्जा देना अत्यंत आवश्यक है क्योंकि देश की सुरक्षा मे उनका भी अहम किरदार होता है, इसके अलावा उन्होंने मांग की है कि उत्तराखंड में कोई भी परिवार का व्यक्ति शहीद होता है तो उसके परिवार के एक व्यक्ति को उसकी योग्यता के अनुसार राज्य सरकार द्वारा सरकारी नौकरी दी जाय, इसको लेकर सरकार को उचित निर्णय लेना होगा।

यह भी पढ़ें 👉  हिम्स–टीएचडीसी की साझेदारी बनी टिहरी की सेहत की नई ताकत, अब हर बुधवार गांव के करीब मिलेगा विशेषज्ञ उपचार

98 Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

The Latest

To Top