उत्तराखंड

नवरात्र: पांचवा चैत्र नवरात्रि, स्कंदमाता करेगी सुख और शांति में वृद्धि,,

आज चैत्र नवरात्रि का पांचवां दिन है। इस दिन स्कंदमाता की पूजा विशेष रूप से जाती है। स्कंद माता को भगवान कार्तिकेय की माता माना गया है। देवी मां दाएं हाथ के नीचे वाले हाथ में भगवान स्कन्द यानी कार्तिकेय को गोद लिए हुए दिखाई देती हैं। इनके हाथों में कमल का फूल और वरदान देने वाली मुद्रा है। स्कंद माता भक्तों की सभी इच्छाएं पूरी करने वाली मानी गई हैं।

यह भी पढ़ें 👉  SGRRU परिवार का गौरव: गोपेश्वर के आलेख परमार ने प्रथम प्रयास में हासिल किया IIT मुंबई में प्रवेश

पुराने समय में जब देवताओं और असुरों का युद्ध हुआ था, उस समय कार्तिकेय स्वामी को देवताओं का सेनापति बनाया गया था। शिव जी और पार्वती जी के पुत्र कार्तिकेय का एक नाम स्कंद भी है। स्कंदमाता के चारों ओर सूर्य जैसा तेज दिखाई देता है। स्कंदमाता की उपासना से भगवान स्कंद के बाल स्वरूप की पूजा होती है। देवी का वाहन सिंह है।

यह भी पढ़ें 👉  SGRRU परिवार का गौरव: गोपेश्वर के आलेख परमार ने प्रथम प्रयास में हासिल किया IIT मुंबई में प्रवेश

स्कंदमाता की पूजा से मिलते हैं ये लाभ

स्कंदमाता की पूजा से भक्त का मन एकाग्र होता है। इनकी पूजा से शांति और सुख मिलती है। ज्ञान में बढ़ोतरी होती है। सभी तरह की बीमारियों और कमजोरियों का अंत होता है।

यह भी पढ़ें 👉  SGRRU परिवार का गौरव: गोपेश्वर के आलेख परमार ने प्रथम प्रयास में हासिल किया IIT मुंबई में प्रवेश
143 Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

The Latest

To Top