Action:धामी सरकार में MDDA का बुलडोजर एक्शन,VC तिवारी की सख्ती से 20 बीघा अवैध प्लॉटिंग ध्वस्त
देहरादून।राजधानी देहरादून में अवैध निर्माण और अनधिकृत प्लॉटिंग के खिलाफ मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने सख्त रुख अपनाया है। एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी के निर्देशों के अनुरूप प्राधिकरण की टीम ने चार स्थानों पर कार्रवाई करते हुए धर्मपुर और कॉवली में अवैध बहुमंजिला निर्माण सील किए, जबकि सेलाकुई में करीब 20 बीघा भूमि पर की जा रही अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के जरिए प्राधिकरण ने स्पष्ट संदेश दिया है कि नियोजित विकास के नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ नियमानुसार सख्ती जारी रहेगी।
–धर्मपुर और कॉवली में निर्माण सील, सेलाकुई में ध्वस्तीकरण
एमडीडीए की टीम ने धर्मपुर स्थित प्रगति विहार की लेन नंबर छह में उपेंद्र अग्रवाल द्वारा किए गए अवैध निर्माण को सील किया। वहीं, कॉवली की मानसरोवर कॉलोनी में कैलाश, सतीश और हरीश डोभियाल द्वारा किए जा रहे बहुमंजिला निर्माण पर कार्रवाई करते हुए उसे भी सील कर दिया गया।
दूसरी ओर, सेलाकुई के कल्याणपुर स्थित न्यू हाईवे, शिमला बाईपास क्षेत्र में देवेंद्र रावत एवं अन्य द्वारा लगभग 10 बीघा भूमि पर की जा रही प्लॉटिंग को ध्वस्त किया गया। इसी क्षेत्र में नवाज अली और भू-स्वामी द्वारा करीब 10 बीघा भूमि पर की जा रही प्लॉटिंग के विरुद्ध भी ध्वस्तीकरण अभियान चलाया गया। इस तरह दोनों मामलों में लगभग 20 बीघा भूमि पर की जा रही प्लॉटिंग पर कार्रवाई की गई।
–बंशीधर तिवारी का स्पष्ट संदेश—नियमों से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण और अनधिकृत प्लॉटिंग के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नियोजित विकास और बेहतर शहरी व्यवस्था के विजन के अनुरूप निर्माण कार्यों को निर्धारित नियमों के दायरे में रखना प्राथमिकता है। बिना आवश्यक स्वीकृति निर्माण करने और अवैध प्लॉटिंग के माध्यम से नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि एमडीडीए का उद्देश्य केवल अवैध निर्माण पर कार्रवाई करना नहीं, बल्कि देहरादून और आसपास के क्षेत्रों का सुनियोजित विकास सुनिश्चित करना भी है।
–सचिव मोहन सिंह बर्निया ने की अपील
एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया के अनुसार, प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण और प्लॉटिंग के मामलों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। शिकायतों और स्थलीय निरीक्षण के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाती है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि भवन निर्माण या भूखंड विकसित करने से पहले जरूरी स्वीकृतियां प्राप्त करें तथा जमीन खरीदने से पहले उसकी वैधानिक स्थिति की जांच अवश्य करें।
कार्रवाई के दौरान प्राधिकरण के क्षेत्रीय सहायक अभियंता, अवर अभियंता, सुपरवाइजर और पुलिस बल मौजूद रहे। एमडीडीए की इस कार्रवाई का उद्देश्य अनधिकृत निर्माण पर अंकुश लगाने के साथ शहर में सड़क, पेयजल, जल निकासी और अन्य नागरिक सुविधाओं से जुड़ी भविष्य की समस्याओं को रोकना है।

