उत्तराखंड

ऋषिकेश विधायक पर पार्षदों ने लगाए आरोप, बताया दुर्भाग्यपूर्ण

देहरादूनः ऋषिकेश निगम को मिले बजट से हतप्रभ कई सभासद अब इस नाराजगी को लेकर प्रमुख सचिव के दरबार मे पहुंचेंगे। पार्षदों को उम्मीद थी कि ऋषिकेश के चौथी बार के विधायक और वर्तमान शहरी विकास और वित्त मंत्रालय की कमान संभाले प्रेम चंद्र अग्रवाल द्वारा अपने क्षेत्र के निगम के लिए कुछ अच्छा सोचेंगे।

यह भी पढ़ें 👉  धामी की जीरो टॉलरेंस नीति: होमगार्ड्स वर्दी घोटाले में निदेशक निलंबित, जांच समिति गठित

लेकिन पार्षदों के आरोप है कि राज्य के अन्य निगमों की अपेक्षाकृत ऋषिकेश को पंचम राज्य वित्त आयोग के दौरान चार करोड़ 48 लाख 71 हजार का जो बजट प्राप्त हुआ है, वह ऊंट के मुंह में जीरा जैसा है। जबकि ऋषिकेश नगर निगम उत्तराखंड राज्य के मुख्य द्वार पर ‌होने के कारण मुख्य श्रेणी में आता है। जिस की उपयोगिता को समझते हुए शासन स्तर पर पालिका से अपग्रेड कर निगम का दर्जा दिया गया है। जबकि इसी बजट से निगम के कर्मचारियों को वेतन के अतिरिक्त रिटायरमेंट होने वाले कर्मचारियों को पेंशन और उनके भत्ते भी दिए जाने हैं।

यह भी पढ़ें 👉  एसजीआरआर विश्वविद्यालय में वैश्विक शोध को नई उड़ान, अंतर्राष्ट्रीय कार्यशाला में मिले अनुदान के गुर

इस दौरान पार्षद राकेश सिंह, गुरविंदर सिंह, ने कहा कि ट्रिपल इंजन की सरकार होने के बावजूद भी ऋषिकेश को बजट आवंटित ना होना दुर्भाग्यपूर्ण है ।जिसके कारण ऋषिकेश के विकास कार्य भी बाधित होंगे। उन्होंने कहा कि महापौर को इस संबंध में गंभीरता पूर्वक‌ विचार कर राजनीति को किनारे करते हुए एकजुटता के साथ अपने अधिकारों की लड़ाई को लड़ना चाहिए।

यह भी पढ़ें 👉  एसजीआरआर विश्वविद्यालय में वैश्विक शोध को नई उड़ान, अंतर्राष्ट्रीय कार्यशाला में मिले अनुदान के गुर

ऋषिकेश विधायक पर पार्षदों ने लगाए आरोप, बताया दुर्भाग्यपूर्ण

289 Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

The Latest

To Top