उत्तराखंड

धर्म:इस दिन है महाशिवरात्रि,कैसे मनाये भोलेनाथ को,क़्या कहते हैं आचार्य गुरुदेव रतूड़ी,,

देहरादून। हिंदू पंचांग के अनुसार, महाशिवरात्रि का त्योहार हर साल फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है. ऐसी मान्यताएं है कि इस दिन भगवान शिव और देवी पार्वती का विवाह संपन्न हुआ था. ऐसा भी कहा जाता है कि इस दिन भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों का धरती पर प्रकाट्य हुआ था. इस बार महाशिवरात्रि की तारीख को लेकर लोगों में बड़ा कन्फ्यूजन है. कुछ लोग 18 फरवरी की महाशिवरात्रि बता रहे हैं तो कुछ 19 फरवरी की. आइए आपको बताते हैं कि महाशिवरात्रि का पर्व किस दिन मनाया जाएगा.

यह भी पढ़ें 👉  सादगी के संग सामाजिक सौहार्द का संदेश दे गया इमरान देशभक्त परिवार का विवाह समारोह

कब मनाई जाएगी महाशिवरात्रि? (Mahashivratri 2023 Date and Time)
हिंदू पंचांग के अनुसार, महाशिवरात्रि का त्योहार शनिवार, 18 फरवरी को रात 8 बजकर 03 मिनट पर प्रारंभ होगा और इसका समापन रविवार, 19 फरवरी को शाम 04 बजकर 19 मिनट पर होगा. चूंकि महाशिवरात्रि की पूजा निशिता काल में की जाती है, इसलिए यह त्योहार 18 फरवरी को ही मनाना उचित होगा.

यह भी पढ़ें 👉  हिम्स में नर्सिंग सेवा का गौरवगान, समर्पण और संवेदना को मिला सम्मान

महाशिवरात्रि पर त्रिग्रही योग (Mahashivratri 2023 Trigrahi Yog)
इस साल महाशिवरात्रि का पर्व बेहद खास रहने वाला है. इस बार महाशिवरात्रि पर त्रिग्रही योग का निर्माण होने जा रहा है. 17 जनवरी 2023 को न्याय देव शनि कुंभ राशि में विराजमान हुए थे. अब 13 फरवरी को ग्रहों के राजा सूर्य भी इस राशि में प्रवेश करने वाले हैं. 18 फरवरी को शनि और सूर्य के अलावा चंद्रमा भी कुंभ राशि में होगा. इसलिए कुंभ राशि में शनि, सूर्य और चंद्रमा मिलकर त्रिग्रही योग का निर्माण करेंगे. ज्योतिषविद ने इसे बड़ा ही दुर्लभ संयोग माना है.

यह भी पढ़ें 👉  “गोल्डन मिनट” बचाएगा नवजातों की जिंदगी, हिम्स में स्वास्थ्यकर्मियों को मिला विशेष प्रशिक्षण

The Latest

To Top