उत्तराखंड

टिहरी बांध की झील का बढ़ता जलस्तर बन रहा ग्रामीणों की परेशानी का सबब…

Tehri News: टिहरी बांध की झील का जलस्तर बढ़ने से तटवर्ती गांव खतरे की जद में आ गए हैं। झील बनने से अब तक 12 से अधिक ग्रामीणों की जान जा चुकी है। तो वहीं बढ़ता जलस्तर ग्रामीणों की परेशानी का सबब बन रहा है। बताया जा रहा है कि झील का जलस्तर (Tehri lake water level) 815.16 आरएल मीटर पहुंच गया। ऐसे में ग्रामीणों ने टिहरी झील के किनारे बसे गांव की सुरक्षा (Tehri Lake banks village Security) की मांग की है। तो वहीं डीएम ने  टीएचडीसी को ग्रामीणों की सुरक्षा के निर्देश दिए है।

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मीडिया रिपोर्टस के अनुसार टिहरी बांध की झील का जलस्तर आरएल (रीवर लेबल) 815.16 मीटर तक पहुंच गया। जिससे गांव में भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। गांव वाले सुरक्षा दिवार की मांग कर रहे है तो वहीं माना जा रहा है कि यह जलस्तर आरएल 830 मीटर तक पहुंचेगा। ऐसे में बताया जा रहा है कि बढ़ते जलस्तर से आसपास बसे गांव के नीचे भूस्खलन होना शुरू हो जाता है। ग्रामीणों ने इसलिए शासन प्रशासन से अनुरोध है कि वह तत्काल ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान करें और इस पर नजर बनाए रखें, जिससे कोई जनहानि ना हो।

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वहीं ग्रामीणों के आक्रोश और समस्याओं को देखते हुए टिहरी डीएम डॉ. सौरभ गहरवार ने टीएचडीसी अधिकारियों को टिहरी झील के समीप बसे ग्रामीणों की सुरक्षा के निर्देश दिए हैं। बताया जा रहा है कि डीएम ने अधिकारियों से कहा टिहरी झील किनारे जहां भी भूस्खलन हो रहा है। उसकी रिपोर्ट दें और ग्रामीणों की सुरक्षा का ध्यान रखें, जिससे कोई जनहानि ना हो। गौरतलब है कि पिछले साल भी बांध की झील का जलस्तर बढ़ाने से आरएल 830 मीटर पर स्थित सरोट गांव के दो परिवारों के आंगन झील में समा गए थे। जिन्हें विस्थापित किया गया था।

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