उत्तराखंड

मानसिक स्वास्थ्य केंद्रों को पंजीकृत करने के लिए 97 केंद्रों ने दिखाई रूचि


नशा मुक्ति केंद्रों को पंजीकरण के लिए 14 दिसंबर तक समय दिया था। इसमें 97 केंद्रों ने पंजीकरण के लिए आवेदन किया है। शीघ्र ही सचिव स्वास्थ्य डॉ. आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में प्राधिकरण की बैठक आयोजित की जाएगी।

प्रदेश में लागू मानसिक स्वास्थ्य नियमावली के तहत नशा मुक्ति केंद्रों के पंजीकरण की समय सीमा खत्म हो गई है। अब तक प्रदेश भर में 97 नशा मुक्ति केंद्रों ने पंजीकरण के लिए आवेदन किया है। शीघ्र ही राज्य मानसिक स्वास्थ्य प्राधिकरण आवेदन करने वाले केंद्रों का निरीक्षण कर मानकों को परखेगा। साथ ही बिना पंजीकरण संचालित केंद्रों को बंद करने की कार्रवाई की जाएगी।

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मानसिक स्वास्थ्य प्राधिकरण ने नशा मुक्ति केंद्रों को पंजीकरण के लिए 14 दिसंबर तक समय दिया था। इसमें 97 केंद्रों ने पंजीकरण के लिए आवेदन किया है। शीघ्र ही सचिव स्वास्थ्य डॉ. आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में प्राधिकरण की बैठक आयोजित की जाएगी। जिसमें पंजीकरण के आवेदनों की समीक्षा कर केंद्रों के निरीक्षण की योजना बनाई जाएगी।

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निरीक्षण के दौरान यदि किसी केंद्र में मानक पूरे नहीं होते हैं तो संचालक को तीन से चार माह का समय दिया जाएगा। मानसिक स्वास्थ्य नियमावली का उल्लंघन करने पर पांच हजार से पांच लाख तक जुर्माने का प्रावधान है। इसके अलावा छह माह से दो वर्ष कारावास की सजा भी हो सकती है।

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सचिव स्वास्थ्य ने बताया कि प्रदेश में संचालित सभी सरकारी व गैरसरकारी मानसिक स्वास्थ्य संस्थानों व नशा मुक्ति केंद्रों को पंजीकरण कराने के लिए तीन माह का समय दिया गया था। मानसिक स्वास्थ्य नियमावली के तहत पंजीकरण अनिवार्य है। इसके बाद सभी केंद्रों में नियमावली के मानकों को सख्ती से लागू किया जाएगा। बिना पंजीकरण के संचालन केंद्रों को बंद कर संचालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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