उत्तराखंड

जोशीमठ भू-धंसाव के बीच डोली उत्तरकाशी की धरती, दहशत में लोग

उत्तराखंड के जोशीमठ संकट के बीच उत्तरकाशी जनपद से बड़ी खबर आ रही है, जहां भूकंप के झटकों के कारण एक बार फिर लोग दहशत में आ गए। दरअसल उत्तरकाशी जनपद में रात 2 बजकर 12 मिनट पर भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप के झटकों के कारण उत्तरकाशी जनपद के लोगों में दहशत का माहौल व्यापत है। मिली जानकारी के अनुसार रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 2.9 दर्ज की गयी है, जिसका केंद्र उत्तरकाशी में धरती के 10 किलोमीटर अंदर बताया जा रहा है।

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भले ही भूकंप का केंद्र जोशीमठ से करीब 240 किलोमीटर दूर था, लेकिन भूकंप के झटकों के कारण दरारें कहीं बढ़ न जाए लोगों को इसका भी डर सताने लगा है। बता दें, इससे पहले भी बीते साल 28 दिसंबर को भी उत्तरकाशी में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। तब रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 3.1 दर्ज की गयी थी। वहीं इससे पहले भी पिछले भी बीते कुछ महीनों में उत्तरकाशी में धरती डोलने से लोगों के बीच दहशत का माहौल कायम हो गया था।

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उत्तराखंड के जोशीठम को धीरे-धीरे जमीन निगलती जा रही है और खतरा बढ़ता ही जा रहा है। जोशीमठ की धरती तेजी से धंसती जा रही है और यही वजह है कि सड़क से लेकर घरों तक में दरारें पड़ रही हैं। जोशीमठ तबाह होने की ओर लगातार अग्रसर है, इसका खुलासा सैटेलाइट तस्वीरों से हुआ है। इसरो  ने सैटेलाइट तस्वीरें जारी की हैं, जिससे भयावह संकेत मिल रहे हैं।

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मीन धंसने के कारण उत्तराखंड का जोशीमठ लगातार नीचे की ओर खिसक रहा है। इसरो के नेशनल रिमोट सेंसिंग सेंटर ने सैटेलाइट तस्वीरों के माध्यम से खुलासा किया है कि महज 12 दिनों के भीतर यानी 27 दिसंबर से 8 जनवरी के बीच जोशीमठ 5.4 सेमी नीचे धंस गया।

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