एसआरएचयू में जगी ‘द स्पार्क विदिन’, टेडएक्स के मंच से गूंजेंगे बदलाव के विचार
देहरादून/डोईवाला । विचार किसी भी परिवर्तन की पहली दस्तक होते हैं और जब उन विचारों को युवाओं की ऊर्जा का मंच मिल जाए तो बदलाव की संभावनाएं और व्यापक हो जाती हैं। इसी सोच के साथ स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय (एसआरएचयू) में टेडएक्स-एसआरएचयू के पहले संस्करण का आगाज हुआ। स्कूल ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज की ओर से आयोजित कार्यक्रम के अनावरण समारोह में ‘द स्पार्क विदिन’ थीम का भव्य उद्घाटन किया गया। 12 सितंबर को होने वाले मुख्य आयोजन में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े नौ प्रेरक वक्ता अपने अनुभव, विचार और जीवन-यात्रा साझा करेंगे।
एसआरएचयू के सेंट्रल पार्क में आयोजित अनावरण समारोह में विद्यार्थियों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने आयोजन को जीवंत बना दिया। नृत्य और संगीत की प्रस्तुतियों के बीच टेडएक्स-एसआरएचयू की थीम सामने रखी गई, जिसका मूल संदेश युवाओं को अपने भीतर मौजूद संभावनाओं को पहचानने और उन्हें समाज में सकारात्मक परिवर्तन की ताकत में बदलने के लिए प्रेरित करना है।
समारोह को संबोधित करते हुए एसआरएचयू के अध्यक्ष डॉ. विजय धस्माणा ने कहा कि हर बड़े परिवर्तन की शुरुआत एक विचार से होती है। उन्होंने कहा कि टेडएक्स-एसआरएचयू विद्यार्थियों को अपनी क्षमताओं को पहचानने के साथ ही अपने विचारों को सकारात्मक बदलाव का माध्यम बनाने के लिए प्रेरित करेगा। उनके मुताबिक ‘द स्पार्क विदिन’ केवल कार्यक्रम की थीम नहीं, बल्कि युवाओं के भीतर मौजूद उस ऊर्जा को पहचानने का आह्वान है, जो समाज को नई दिशा देने की क्षमता रखती है।
एसआरएचयू के कुलपति डॉ. राजेंद्र डोभाल ने कहा कि टेडएक्स-एसआरएचयू विद्यार्थियों को विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य कर रहे लोगों के अनुभवों को करीब से समझने और अपनी सोच का दायरा व्यापक करने का अवसर देगा। वहीं स्कूल ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज की निदेशक डॉ. तरुणा गौतम ने कहा कि टेडएक्स विचारों, अनुभवों और कहानियों को ऐसा मंच देता है, जहां से नई सोच जन्म लेती है और दृष्टिकोण का विस्तार होता है।
—नौ वक्ताओं से सजेगा एसआरएचयू का टेडएक्स मंच
12 सितंबर को होने वाले टेडएक्स-एसआरएचयू के पहले संस्करण में अलग-अलग क्षेत्रों की नौ शख्सियतें अपने अनुभव साझा करेंगी। इनमें डॉ. विजय धस्माणा, युवा प्रौद्योगिकी एवं साइबर कानून विचारक साक्षर दुग्गल, भारतीय वायुसेना की पूर्व अधिकारी विंग कमांडर अनुपमा जोशी (सेवानिवृत्त), जेट्टा फार्म्स और क्राउपायलट के संस्थापक रितुराज शर्मा, रेडियो प्रस्तोता एवं डिजिटल कहानीकार आरजे काव्या, नमकवाली की संस्थापक शशि बहुगुणा रतूड़ी, सारंग विकास समिति की संस्थापक बिनिता शाह, क्लैरिसा ग्रुप के निदेशक एवं सीईओ हर्षल दिलवाली और एसआरएचयू के पूर्व छात्र एवं विश्व चैंपियन निशानेबाज शौर्य सैनी शामिल हैं।
टेडएक्स-एसआरएचयू का यह पहला संस्करण महज व्याख्यानों का आयोजन नहीं, बल्कि युवाओं के भीतर मौजूद सवालों, सपनों और संभावनाओं को विचार की दिशा देने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। ‘द स्पार्क विदिन’ इसी आंतरिक ऊर्जा को पहचानने और उसे समाजोपयोगी परिवर्तन में बदलने का संदेश लेकर सामने आया है।






