गुरुकुल कांगड़ी में गूंजा स्टार्टअप का जुनून, ‘यूरेका’ में युवाओं ने पेश किए नए आइडिया
हरिद्वार। गुरुकुल कांगड़ी समविश्वविद्यालय के अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संकाय के ई-सेल के तत्वावधान में आईआईटी बॉम्बे के राष्ट्रीय नवाचार अभियान के सहयोग से ‘यूरेका’ पिचिंग प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया गया। प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यार्थियों में नौकरी तलाशने के बजाय रोजगार सृजन की सोच विकसित करना तथा नवाचार एवं स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देना रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक परंपरा और आधुनिक वैज्ञानिक दृष्टिकोण के समन्वय के साथ हुआ। मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. प्रतिभा मेहता लूथरा ने कहा कि विद्यार्थियों द्वारा विकसित नवाचारों का उद्देश्य राष्ट्रहित और समाज के अंतिम व्यक्ति के कल्याण से जुड़ा होना चाहिए। उन्होंने गुरुकुल की समृद्ध शिक्षा परंपरा के नैतिक मूल्यों, अनुशासन और चरित्र निर्माण को आधुनिक विज्ञान, अनुसंधान एवं नवाचार के साथ जोड़ने पर जोर दिया।
संकायाध्यक्ष प्रो. मयंक अग्रवाल ने कहा कि तकनीकी प्रतियोगिताओं के माध्यम से विद्यार्थियों में तकनीकी, व्यावसायिक और सृजनात्मक कौशल विकसित होता है। इससे युवा अपने भविष्य को नई दिशा देने के साथ रोजगार सृजनकर्ता भी बन सकते हैं।
प्रतियोगिता में शॉर्टलिस्ट की गई छात्र टीमों ने निर्णायक मंडल के समक्ष अपने प्रोटोटाइप, बिजनेस मॉडल, व्यावसायिक रणनीति और कार्यान्वयन योजनाओं का प्रस्तुतीकरण किया। प्रतिभागियों ने जनरेटिव एआई, हेल्थकेयर डायग्नोस्टिक्स, अपशिष्ट प्रबंधन, नवीकरणीय ऊर्जा, स्मार्ट कंज्यूमर टेक्नोलॉजी और एग्री-टेक जैसे क्षेत्रों में अपने नवाचारी मॉडल प्रस्तुत किए।
निर्णायक मंडल में डॉ. कपिल पांडे, डॉ. प्रशांत कौशिक और प्रवीण कुमार पांडे शामिल रहे। निर्णायकों ने टीमों के रेवेन्यू मॉडल, यूनिट इकोनॉमिक्स, गो-टू-मार्केट रणनीति और बौद्धिक संपदा की संभावनाओं का मूल्यांकन किया तथा प्रतिभागियों को अपने आइडिया को व्यावसायिक रूप देने के लिए मार्गदर्शन दिया।
प्रतियोगिता में ऑटो पाइयलेट टीम ने प्रथम, प्लस टीम ने द्वितीय तथा टेक्नो स्मार्ट क्लब ने तृतीय स्थान हासिल किया।
कार्यक्रम का सफल संचालन ई-सेल के फैकल्टी एडवाइजर डॉ. लोकेश कुमार जोशी के मार्गदर्शन में हुआ। बीटेक द्वितीय वर्ष की छात्रा प्रगति ने कार्यक्रम का संचालन किया। छात्र समन्वयकों एवं स्वयंसेवकों ने मंच संचालन, समय प्रबंधन, ऑडियो-विजुअल समन्वय और प्रतिभागियों की सहायता की जिम्मेदारी संभाली।
इस अवसर पर रमन कुमार यादव, मयूर, कुशल, रजत, वर्तिका, मानसी सहित छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। आयोजन के समापन पर कुलपति प्रो. प्रतिभा मेहता लूथरा, प्रो. मयंक अग्रवाल, प्रो. विपुल शर्मा, डॉ. लोकेश कुमार जोशी, डॉ. पंकज कौशिक, संकाय सदस्यों, निर्णायक मंडल तथा मुख्य प्रायोजक रूबी हाई प्योरिटी वाटर सिस्टम्स और अमन 3डी आर्ट गैलरी के प्रति आभार व्यक्त किया गया।
