उत्तराखंड

Uttarkashi Tunnel Rescue: भूस्खलन के खतरे के बीच फिर शुरू हुई ड्रिलिंग, पीएम मोदी ने की सीएम धामी से बात, लिया अपडेट

उत्तरकाशी। दिवाली के दिन उत्तरकाशी की निर्माणाधीन सुरंग में हुए हादसे में फंसे 41 श्रमिकों को अभी तक बाहर नहीं निकाला जा सका है। रेस्क्यू का आज नौवां दिन है। बैकअप प्लान के तहत सुरंग के ऊपर से ड्रिलिंग के लिए अस्थायी सड़क का काम अंतिम चरण में है। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से फोन पर बातचीत कर उत्तरकाशी में सिल्क्यारा सुरंग में फंसे श्रमिकों के लिए चलाए जा रहे राहत और बचाव कार्यों का अपडेट लिया।

पीएम मोदी ने कहा, केंद्र सरकार की ओर से सभी जरूरी उपकरण और संसाधन लगातार उपलब्ध कराए जा रहे हैं। साथ ही केंद्र और राज्य की एजेंसियों के समन्वय से मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाला जाएगा। फंसे हुए मजदूरों का मनोबल बनाए रखने की जरूरत है।

यह भी पढ़ें 👉  ऋषिकेश में आरोग्य गरबा-डांडिया उत्सव का धमाल, भारतीय संस्कृति के रंगों में रंगा अनिल फार्म

 शाम तक रेस्क्यू ऑपरेशन की रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश

सोमवार सुबह पीएमओ के पूर्व सलाहकार भास्कर खुल्बे और पीएमओ के उप सचिव मंगेश घिल्डियाल ने बचाव अभियान में शामिल सभी संबंधित विभागों (आरवीएनएल, नवयुग, ओएनजीसी, राज्य पीडब्ल्यूडी, बीआरओ और टीएचडीसी) से अपील की और उनसे मजदूरों को बचाने के लिए किए जा रहे रेस्क्यू ऑपरेशन का शाम तक की रिपोर्ट उपलब्ध कराने का के लिए कहा।

यह भी पढ़ें 👉  गुरुकुल कांगड़ी में तकनीकी शिक्षा को नई उड़ान, पांच दिवसीय CAD मॉडलिंग बूटकैंप संपन्न

भूस्खलन के खतरे के बीच फिर शुरू हुई ड्रिलिंग
सिलक्यारा सुरंग में ऑगर मशीन से ड्रिलिंग का काम फिर शुरू हो गया। भूस्खलन का खतरा कम करने के लिए शॉटक्रिट मशीन से स्प्रे किया गया है। बैकअप प्लान के तहत सुरंग के ऊपर से ड्रिलिंग के लिए अस्थायी सड़क बनाने का काम भी अंतिम चरण में है। राहत एवं बचाव अभियान के प्रभारी कर्नल दीपक पाटिल ने बताया कि ड्रिलिंग का काम बंद होने के तीसरे दिन रविवार को रात में फिर शुरू हो गया। वहीं, अंदर फंसे मजदूरों को खाने व ऑक्सीजन की सप्लाई के पाइपों को कंक्रीट ह्यूम पाइप से कवर कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि  भूस्खलन होता भी है, तो इससे खाने के सामान और ऑक्सीजन की सप्लाई बाधित नहीं होगी। उधर, सुरंग के दाएं और बाएं ओर से भी क्षैतिज ड्रिलिंग के लिए भूभौतिकी व भू-वैज्ञानिकों का सर्वे पूरा हो गया है। सुरंग के ऊपर से ड्रिलिंग के लिए बन रही 1200 मीटर लंबी सड़क का 900 मीटर हिस्सा बन चुका है। सूत्रों के अनुसार इस काम का जिम्मा लोनिवि, बीआरओ को सौंपा है।

यह भी पढ़ें 👉  गुरुकुल कांगड़ी विद्यालय में 123वीं विजयादशमी क्रीड़ा प्रतियोगिता संपन्न, खिलाड़ियों ने दिखाया दमखम

The Latest

To Top