उत्तराखंड

जब जन्मदिन बना सेवा और संवेदना का उत्सव,नेताजी सुभाष चंद्र बोस बालिका छात्रावास में बच्चियों के बीच पहुंचे IAS बंशीधर तिवारी

जब जन्मदिन बना सेवा और संवेदना का उत्सव,नेताजी सुभाष चंद्र बोस बालिका छात्रावास में बच्चियों के बीच पहुंचे IAS बंशीधर तिवारी

देहरादून। प्रशासनिक पद, प्रोटोकॉल और औपचारिकता से इतर शासन का एक संवेदनशील और मानवीय चेहरा सोमवार को देहरादून के बनियावाला क्षेत्र में देखने को मिला। अपर सचिव मुख्यमंत्री, उपाध्यक्ष मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) एवं महानिदेशक सूचना एवं लोकसम्पर्क विभाग IAS बंशीधर तिवारी ने अपना जन्मदिन किसी भव्य आयोजन के बजाय नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय बालिका छात्रावास की बच्चियों के साथ सादगी और आत्मीयता से मनाया।

यह कोई औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि वर्षों से निभाई जा रही एक परंपरा है, जिसमें वे हर वर्ष अपने जन्मदिन पर इन बालिकाओं के बीच समय बिताते हैं। सहसपुर विधानसभा के विकासखंड बनियावाला स्थित छात्रावास में वे अपने परिजनों के साथ पहुंचे और बच्चियों के साथ एक परिवार की तरह घुल-मिल गए।

यह भी पढ़ें 👉  सेवा सप्ताह में मंत्री गणेश जोशी का जनसेवा संदेश, ग्रामीण महिलाओं को मिले श्रम-न्यूनीकरण उपकरण व स्मार्टफोन

छात्रावास की बच्चियों ने स्वागत में गीत प्रस्तुत किए, जिनमें संघर्ष, उम्मीद और आत्मविश्वास की झलक साफ दिखाई दी। तालियों और मुस्कानों से भरा माहौल किसी सरकारी आयोजन जैसा नहीं, बल्कि एक घरेलू उत्सव का रूप ले चुका था। यह वही छात्रावास है, जहां निराश्रित, एकल अभिभावक वाली और कठिन परिस्थितियों से निकलकर आई बालिकाएं शिक्षा और सुरक्षित भविष्य की ओर कदम बढ़ा रही हैं।

IAS बंशीधर तिवारी ने न कोई औपचारिक भाषण दिया और न ही पद की दूरी बनाए रखी। वे जमीन पर बैठकर बच्चियों के साथ केक काटते दिखे, उपहार बांटे और उनसे पढ़ाई, रुचियों व सपनों पर आत्मीय संवाद किया। यह बातचीत किसी अधिकारी की नहीं, बल्कि एक अभिभावक की थी।

यह भी पढ़ें 👉  सेवा सप्ताह में मंत्री गणेश जोशी का जनसेवा संदेश, ग्रामीण महिलाओं को मिले श्रम-न्यूनीकरण उपकरण व स्मार्टफोन

इस अवसर पर परिसर में वृक्षारोपण भी किया गया। उन्होंने कहा कि जैसे एक पौधा समय के साथ मजबूत बनता है, वैसे ही यदि इन बालिकाओं को सही मार्गदर्शन, शिक्षा और स्नेह मिले, तो वे समाज की दिशा बदलने वाली शक्ति बन सकती हैं।
बच्चियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जीवन में लक्ष्य तय करना बेहद जरूरी है। परिस्थितियां कितनी भी कठिन क्यों न हों, आत्मविश्वास और ईमानदारी के साथ आगे बढ़ने पर रास्ते स्वयं बनते चले जाते हैं। उन्होंने बच्चियों को केवल सफल बनने तक सीमित न रहने, बल्कि नेतृत्व करने और दूसरों के लिए प्रेरणा बनने का संदेश दिया।

यह भी पढ़ें 👉  सेवा सप्ताह में मंत्री गणेश जोशी का जनसेवा संदेश, ग्रामीण महिलाओं को मिले श्रम-न्यूनीकरण उपकरण व स्मार्टफोन

स्थानीय लोगों और उपस्थितजनों ने कहा कि आज के दौर में जब जन्मदिन दिखावे और खर्चीले आयोजनों तक सिमट गए हैं, ऐसे में एक वरिष्ठ IAS अधिकारी का हर वर्ष अपना जन्मदिन अनाथ और जरूरतमंद बच्चियों के साथ मनाना समाज के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण है। यह आयोजन किसी प्रचार का हिस्सा नहीं था, बल्कि उन कुछ घंटों की कहानी है, जो बच्चियों के जीवन में लंबे समय तक उम्मीद की रोशनी बनकर जगमगाते रहेंगे।

SGRRU Classified Ad

The Latest

To Top