भारत की विश्व विजय से प्रमाणित हुई भारतीय ज्योतिष की वैज्ञानिक चेतना, उत्तराखंड के आचार्य डॉ. चंडी प्रसाद घिल्डियाल की भविष्यवाणी बनी राष्ट्रीय विमर्श
देहरादून। भारत की अंडर-19 क्रिकेट विश्व कप में ऐतिहासिक विजय ने केवल खेल जगत में ही नहीं, बल्कि बौद्धिक और सांस्कृतिक विमर्श में भी नई बहस को जन्म दिया है। इस विजय के साथ ही उत्तराखंड के प्रतिष्ठित ज्योतिषाचार्य एवं उत्तराखंड ज्योतिष रत्न से सम्मानित आचार्य डॉ. चंडी प्रसाद घिल्डियाल “दैवज्ञ” की पूर्व में की गई सटीक भविष्यवाणी राष्ट्रीय चर्चा के केंद्र में आ गई है।
उनकी यह भविष्यवाणी भारतीय ज्योतिष परंपरा की उस वैज्ञानिक दृष्टि को रेखांकित करती है, जिसे आधुनिक समय में अक्सर नजरअंदाज किया जाता रहा है।
प्रतियोगिता से पूर्व डॉ. घिल्डियाल ने स्पष्ट रूप से संकेत दिया था कि इस बार अंडर-19 विश्व कप में भारत के विजयी होने के प्रबल योग बन रहे हैं। विश्व कप परिणाम सामने आते ही उनकी यह भविष्यवाणी तथ्य में परिवर्तित हो गई, जिसके बाद देश-विदेश में उनके विश्लेषण और दृष्टिकोण की सराहना हो रही है।
डॉ. दैवज्ञ के अनुसार, यह निष्कर्ष किसी भावनात्मक आकलन पर नहीं, बल्कि भारतीय अंडर-19 टीम के कप्तान आयुष म्हात्रे की कुंडली के सूक्ष्म ज्योतिषीय अध्ययन पर आधारित था। उन्होंने बताया कि कुंडली में सूर्य पर बृहस्पति का प्रभाव तथा उसका अनुकूल गोचर नेतृत्व, सम्मान और सामूहिक सफलता का प्रतीक माना जाता है।
उनका कहना है कि भारतीय ज्योतिष केवल व्यक्ति विशेष तक सीमित नहीं रहती, बल्कि जब नेतृत्वकर्ता की ग्रह स्थिति सशक्त होती है, तो उसका प्रभाव पूरे राष्ट्र और उससे जुड़े संस्थानों पर दिखाई देता है।
गौरतलब है कि आचार्य डॉ. चंडी प्रसाद घिल्डियाल “दैवज्ञ” वर्षों से भारतीय ज्योतिष को शास्त्र, गणना और तर्क के आधार पर प्रस्तुत करते आ रहे हैं। कोरोना काल के आरंभ में फरवरी 2020 में चीन से उत्पन्न वैश्विक महामारी को लेकर उनकी पूर्व चेतावनी तथा रूस-यूक्रेन युद्ध जैसे अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर दिए गए संकेतों ने उन्हें केवल एक ज्योतिषाचार्य नहीं, बल्कि दूरदर्शी विश्लेषक के रूप में स्थापित किया।
आज आचार्य दैवज्ञ की पहचान उस विद्वान के रूप में है, जिसने भारतीय ज्योतिष को अंधविश्वास के दायरे से बाहर निकालकर समकालीन घटनाओं से जोड़ने का साहसिक कार्य किया है। यही कारण है कि उनके अनुयायियों में श्रद्धालुओं के साथ-साथ शिक्षित वर्ग, खिलाड़ी, प्रशासनिक अधिकारी और विदेशों में बसे भारतीय भी बड़ी संख्या में शामिल हैं।
भारत की इस ऐतिहासिक क्रिकेट विजय के साथ आचार्य डॉ. चंडी प्रसाद घिल्डियाल की सटीक भविष्यवाणी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भारतीय ज्ञान परंपरा आज भी समय की कसौटी पर खरी उतरने की क्षमता रखती है।


