उत्तराखंड

अचानक बजे मोबाइल फोन, ‘बेहद गंभीर चेतावनी’ ने मचाया हड़कंप

ऋषिकेश। शुक्रवार दोपहर शहरवासियों के बीच अचानक हड़कंप मच गया, जब उनके मोबाइल फोन एक तेज़ सायरन जैसी आवाज़ के साथ बजने लगे। स्क्रीन पर बड़े अक्षरों में ‘Extremely Severe Alert’ यानी ‘बेहद गंभीर चेतावनी’ लिखा संदेश फ्लैश हुआ। यह देखकर कई लोग किसी अनहोनी की आशंका से घबरा गए।
मोबाइल संदेश में बागेश्वर, चमोली, देहरादून, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग, चम्पावत और उत्तरकाशी जिलों में अगले 24 घंटों में भारी बारिश, ओलावृष्टि और 3000 मीटर से अधिक ऊंचाई पर बर्फबारी की चेतावनी दी गई थी। साथ ही गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना भी जताई गई थी।

यह भी पढ़ें 👉  ऋषिकेश में NRI की संपत्ति पर केयरटेकर का बड़ा कूटकांड!

–दहशत और भ्रम का माहौल
चूंकि यह संदेश एक सामान्य नोटिफिकेशन की तरह नहीं बल्कि ‘इमरजेंसी अलर्ट’ के रूप में आया था, कई लोगों के फोन वाइब्रेट होने लगे और तेज़ आवाज़ सुनकर लोग घर और दफ्तरों से बाहर निकल आए। सोशल मीडिया और व्हाट्सएप ग्रुपों पर संदेश के स्क्रीनशॉट वायरल होने लगे और लोग इसे वास्तविक आपदा मानकर डर गए।

यह भी पढ़ें 👉  धामी कैबिनेट का विस्तार: पांच नए मंत्रियों ने ली शपथ, सरकार हुई और मजबूत

–परीक्षण ने दी राहत
कुछ ही मिनटों बाद जब लोगों ने संदेश को पूरा पढ़ा, तो राहत की सांस ली। संदेश के अंत में स्पष्ट लिखा था कि “यह चेतावनी सेल ब्रॉडकास्ट सिस्टम की प्रभावशीलता जांचने के लिए साझा की गई है।” यानी यह केवल सरकार और आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा मोबाइल नेटवर्क के जरिए की गई तकनीकी परीक्षण (मॉक टेस्ट) थी।
क्यों किया जाता है ऐसा परीक्षणm
विशेषज्ञों के अनुसार, सरकार और दूरसंचार विभाग आपदाओं के दौरान त्वरित सूचना पहुँचाने के लिए समय-समय पर इस अलर्ट सिस्टम की टेस्टिंग करते हैं। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भविष्य में कोई वास्तविक प्राकृतिक आपदा आने पर हर मोबाइल धारक को तुरंत सचेत किया जा सके।

यह भी पढ़ें 👉  धामी कैबिनेट का विस्तार: पांच नए मंत्रियों ने ली शपथ, सरकार हुई और मजबूत

–प्रशासन की अपील
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि ऐसे संदेशों से घबराएं नहीं, बल्कि उन्हें पूरा पढ़ें। यह भविष्य की सुरक्षा और आपदा प्रबंधन की तैयारी का अहम हिस्सा है।

The Latest

To Top