उत्तराखंड

डीएम सविन बंसल का सख्त एक्शन, भरण-पोषण आदेश न मानने पर पुत्र की 1.50 लाख की आरसी

देहरादून। जिला प्रशासन ने वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों की अनदेखी और न्यायालय द्वारा पारित भरण-पोषण आदेशों की अवहेलना को गंभीरता से लेते हुए सख्त कदम उठाया है। जनता दर्शन कार्यक्रम में पहुंचे 68 वर्षीय गंभीर रूप से बीमार बुजुर्ग पिता अशोक धवन की शिकायत पर जिलाधिकारी सविन बंसल ने उनके पुत्र के विरुद्ध ₹1.50 लाख की आरसी (रिकवरी सर्टिफिकेट) जारी करने के निर्देश दिए हैं।
पीड़ित बुजुर्ग ने जिलाधिकारी को दिए गए प्रार्थना पत्र में बताया कि उनके पुत्रों द्वारा उनके साथ लगातार गाली-गलौच, मारपीट और उत्पीड़न किया जा रहा है।

यह भी पढ़ें 👉  हिना मिर्जा बनी वर्ल्ड कंज्यूमर ऑर्गेनाइजेशन की वाइस चेयरपर्सन

आरोप है कि उन्हें जबरन घर से बाहर निकाल दिया गया और उनकी संपत्ति से भी बेदखल कर दिया गया। उन्होंने यह भी बताया कि एसडीएम न्यायालय द्वारा वर्ष 2023 एवं जुलाई 2025 में पारित भरण-पोषण आदेशों के बावजूद आज तक उन्हें निर्धारित धनराशि नहीं दी गई है।

प्रार्थना पत्र के अनुसार, 23 सितंबर 2023 को उपजिलाधिकारी देहरादून द्वारा पुत्र नितिन धवन को प्रतिमाह ₹4,000 भरण-पोषण राशि देने का आदेश दिया गया था, जिसका पालन नहीं किया गया।

यह भी पढ़ें 👉  हिमालयन हॉस्पिटल की बड़ी उपलब्धि: एक ही ऑपरेशन में ब्रेन के चार एन्यूरिज्म का सफल इलाज

इसके बाद 5 जुलाई 2025 को भरण-पोषण राशि बढ़ाकर ₹10,000 प्रतिमाह किए जाने के आदेश पारित हुए। साथ ही निर्देश दिए गए कि बुजुर्ग पिता की संपत्ति पर कोई अवैध कब्जा न किया जाए और उनके साथ किसी भी प्रकार का दुर्व्यवहार न हो।

इसके बावजूद शिकायतकर्ता का आरोप है कि उनका पुत्र, जो लगभग ₹6 लाख प्रतिमाह वेतन प्राप्त करता है, भरण-पोषण राशि देने से लगातार इंकार करता रहा।

धनराशि मांगने पर उनके साथ गाली-गलौच और मारपीट की गई।
मामले का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी ने बकाया भरण-पोषण राशि की वसूली के लिए ₹1.50 लाख की आरसी जारी करने के निर्देश दिए हैं, ताकि पीड़ित वरिष्ठ नागरिक को न्याय मिल सके।

यह भी पढ़ें 👉  एम्स ऋषिकेश:जहाँ जीवन बचाने की शपथ तो है, वहाँ गंदगी का भी राज है,,तस्वीरें बोलती हैं जनाब

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों की अनदेखी और न्यायालयीय आदेशों की अवमानना किसी भी स्थिति में क्षम्य नहीं होगी। ऐसा करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी तथा पीड़ित बुजुर्ग की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

The Latest

To Top