“एमडीडीए का बुलडोजर एक्शन: अवैध कॉलोनियों पर चली सीधी चोट”
देहरादून।
मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ बड़ा और सख्त अभियान चलाते हुए रानीपोखरी और थानों क्षेत्रों में फैली अवैध कॉलोनियों पर बुलडोजर चला दिया। बिना स्वीकृत ले-आउट, भूमि उपयोग परिवर्तन (सीएलयू) और प्राधिकरण की अनुमति के काटे जा रहे प्लॉटों पर की गई इस कार्रवाई में करीब 22 से 27 बीघा भूमि में फैली अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त कर दिया गया।
एमडीडीए की टीम ने पूर्व में की गई जांच और नोटिस प्रक्रिया के बाद यह कार्रवाई की। मौके पर अवैध रूप से बनाई गई आंतरिक सड़कों, सीमांकन पिलरों, प्लॉटिंग के लिए किए गए कटाव और कॉलोनी विकसित करने की तैयारियों को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया। प्राधिकरण की इस सख्ती से अवैध प्लॉटिंग करने वालों में हड़कंप मच गया।
रानीपोखरी में 15–20 बीघा अवैध प्लॉटिंग ध्वस्त
घमंडपुर, रानीपोखरी क्षेत्र में दिनेश सजवाण, अवतार सिंह और राजेन्द्र सिंह कैंतुरा द्वारा लगभग 15 से 20 बीघा भूमि में अवैध रूप से विकसित की जा रही प्लॉटिंग पर कार्रवाई की गई। जांच में सामने आया कि कृषि भूमि पर बिना किसी वैधानिक अनुमति के सड़कें काटी गई थीं और भू-खण्डों की बिक्री की तैयारी चल रही थी। एमडीडीए की टीम ने मौके पर पहुंचकर सभी अवैध निर्माणों को जमींदोज कर दिया।
थानों क्षेत्र में 7 बीघा भूमि पर अवैध कॉलोनी खत्म
इसी क्रम में थानों क्षेत्र में सोनिका नेगी और विशाल द्वारा लगभग 7 बीघा भूमि में की जा रही अवैध प्लॉटिंग पर भी कार्रवाई की गई। यहां बिना स्वीकृति के प्लॉट काटकर आम लोगों को बेचने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी। प्राधिकरण ने मौके पर मौजूद सभी अवैध ढांचों और प्लॉटिंग से जुड़े निर्माणों को ध्वस्त कर दिया।
यह पूरी कार्रवाई सहायक अभियंता प्रमोद मेहरा, अवर अभियंता स्वाति, संबंधित सुपरवाइजरों और पर्याप्त पुलिस बल की मौजूदगी में शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराई गई।
“अवैध कॉलोनियां किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं” — बंशीधर तिवारी
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग और अनधिकृत कॉलोनियों को किसी भी कीमत पर पनपने नहीं दिया जाएगा। बिना स्वीकृत ले-आउट और सीएलयू के की जा रही प्लॉटिंग आम जनता के साथ खुला धोखा है। उन्होंने लोगों से अपील की कि भूमि या प्लॉट खरीदने से पहले उसकी वैधता की जांच अवश्य करें, अन्यथा भविष्य में नुकसान के लिए स्वयं जिम्मेदार होंगे।
“नोटिस के बाद कार्रवाई, आगे भी जारी रहेगा अभियान” — मोहन सिंह बर्निया
एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने बताया कि कार्रवाई पूरी तरह नियमानुसार की गई है। संबंधित व्यक्तियों को पहले ही नोटिस दिए गए थे, लेकिन संतोषजनक जवाब न मिलने पर ध्वस्तीकरण किया गया। उन्होंने चेतावनी दी कि अवैध प्लॉटिंग के मामलों में किसी प्रकार की ढील नहीं दी जाएगी और यह अभियान आगे भी लगातार चलता रहेगा।
