उत्तराखंड

फर्जी दस्तावेजों पर नौकरी कर रहा था एलटी शिक्षक, जांच के बाद गिरी गाज…

रुद्रप्रयागः उत्तराखंड में शिक्षा विभाग से जुड़ी बड़ी खबर आ रही है। फर्जी दस्तावेजों पर नौकरी करने वालों पर शिकंजा कसा जा रहा है। एसआईटी जांच में बीएड की डिग्री फर्जी पाई जाने की गाज रुद्रप्रयाग जिले में तैनात एक एलटी शिक्षक पर गिर गई। अपर निदेशक माध्यमिक शिक्षा गढ़वाल मंडल ने इस एलटी शिक्षक को सेवा से निलंबित कर दिया है। मामले मे आगे की कार्रवाई की जा रही है।

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मीडिया रिपोर्टस के अनुसार रुद्रप्रयाग जिले के राजकीय इंटर कॉलेज पठालीधार में तैनात हिंदी के सहायक अध्यापक गुलाब सिंह ने वर्ष 2004 में चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ से बीएड किया था। शिक्षक के खिलाफ विभाग में शिकायत भी की गई। जिसके बाद शिकायत पर एसआईटी ने 23 सितंबर 2020 में शिक्षा की B.ed डिग्री जांच के लिए संबंधित विश्वविद्यालय को प्रेषित किया था।

बताया जा रहा है कि विश्वविद्यालय के सचिव ने अपनी जांच रिपोर्ट में संबंधित शिक्षक का अनुक्रमांक और एनरोलमेंट नंबर अपने कॉलेज से जारी नहीं होने की बात कही। संदेह के बाद डिग्री फर्जी निकली। अब उन्हें सस्पेंड किया गया है। एसआईटी जांच में शिक्षक की डिग्री फर्जी पाई गई है। निलंबित एलटी शिक्षक को बीईओ अगस्त्यमुनि दफ्तर से अटैच कर दिया गया है। साथ ही बीईओ को पूरे मामले की विभागीय जांच सौंपी गई है।

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बताया जा रहा है कि अपर निदेशक ने बीईओ अगस्तमुनि शिवलाल आर्य को पूरे मामले की विभागीय जांच कर 15 दिनों के भीतर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं। साथी शिक्षक के विरुद्ध थाना अगस्तमुनि में फर्जीवाड़ा मामले में एफआईआर (FIR) भी दर्ज की गई है। यदि विभागीय जांच में शिक्षक पर आरोप सही पाए जाते हैं तो सेवा समाप्त की कार्रवाई की जाएगी।

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