आस्था से एकता तक: यमकेश्वर में योगी–धामी की संयुक्त पूजा ने दिया देश को सांस्कृतिक संदेश
ऋषिकेश (उत्तराखण्ड)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को यमकेश्वर स्थित प्राचीन शिव मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना कर देश को सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक एकता का सशक्त संदेश दिया। दो राज्यों के मुख्यमंत्रियों की एक साथ उपस्थिति को सनातन परंपराओं के प्रति साझा आस्था और प्रतिबद्धता के रूप में देखा जा रहा है।
वैदिक मंत्रोच्चार और विधिवत पूजा के बीच दोनों मुख्यमंत्रियों ने भगवान शिव से उत्तर प्रदेश और उत्तराखण्ड सहित सम्पूर्ण राष्ट्र की सुख-समृद्धि, शांति और जनकल्याण की कामना की। पूजा उपरांत उन्होंने मंदिर परिसर में कुछ समय व्यतीत कर इसकी ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक महत्ता पर चर्चा की।
यह धार्मिक आयोजन केवल आस्था का प्रतीक नहीं रहा, बल्कि इसे उत्तर भारत की साझा सांस्कृतिक विरासत और आध्यात्मिक चेतना के सुदृढ़ीकरण के रूप में भी देखा जा रहा है। योगी आदित्यनाथ और पुष्कर सिंह धामी की संयुक्त मौजूदगी यह संकेत देती है कि धार्मिक स्थलों के संरक्षण, सनातन मूल्यों और सांस्कृतिक विरासत के संवर्धन को लेकर दोनों राज्यों की सोच एक समान है।
मुख्यमंत्रियों के आगमन को लेकर क्षेत्र में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। प्रशासनिक अधिकारियों की देखरेख में कार्यक्रम पूरी गरिमा और अनुशासन के साथ संपन्न हुआ। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने इसे राष्ट्रीय महत्व का क्षण बताते हुए इसे गौरवपूर्ण अवसर करार दिया।
धार्मिक नगरी यमकेश्वर में यह आयोजन न केवल आध्यात्मिक आस्था को सशक्त करता है, बल्कि राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक समन्वय और सनातन परंपराओं के प्रति सम्मान की भावना को भी मजबूती प्रदान करता है।


