उत्तराखंड

वन विभाग मसूरी की सख्ती: बिना अनुमति कार्य पर कड़ी कार्रवाई, मुकदमा दर्ज

देहरादून। मसूरी वन प्रभाग के अंतर्गत रायपुर रेंज में बिना अनुमति भूमि पर कार्य किए जाने के मामले में वन विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ वन अपराध दर्ज किया है।

जानकारी के अनुसार, अभिषेक वैश्य द्वारा मौजा जोहड़ी, परगना पछवादून स्थित अपनी निजी भूमि (खसरा संख्या 432क व 434ग, कुल रकबा 1.473 हेक्टेयर) पर झाड़ी कटान एवं चारदीवारी/तारबाड़ निर्माण की अनुमति हेतु 18 सितंबर 2025 को प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया था। इस संबंध में 9 अक्टूबर 2025 को राजस्व विभाग के साथ संयुक्त निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान पाया गया कि संबंधित भूमि रायपुर रेंज के आरक्षित वन मालसी कक्ष संख्या-1 से सटी हुई है तथा क्षेत्र घने साल के वृक्षों और झाड़ियों से आच्छादित है। वन विभाग मसूरी द्वारा 13 जनवरी 2026 को स्पष्ट किया गया था कि उक्त भूमि वन स्वरूप में है, जिस पर वन संरक्षण अधिनियम 1980 लागू होता है और बिना केंद्र सरकार की पूर्व अनुमति के किसी भी प्रकार की गैर-वानिकी गतिविधि प्रतिबंधित है।

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इसके बावजूद 3 अप्रैल 2026 को सूचना मिली कि उक्त स्थल पर जोहड़ी-जाखन मोटर मार्ग से विद्युत लाइन बिछाने तथा तारबाड़ लगाने का कार्य किया जा रहा है। इस पर तत्काल कार्रवाई करते हुए रायपुर रेंज की टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्य रुकवा दिया।

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वन विभाग मसूरी ने बिना सक्षम अनुमति कार्य कराने के आरोप में विद्युत विभाग राजपुर के अवर अभियंता एवं अभिषेक वैश्य के विरुद्ध भारतीय वन अधिनियम 1927 एवं वन संरक्षण अधिनियम 1980 की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।

प्रभागीय वनाधिकारी, मसूरी वन प्रभाग अमित कंवर द्वारा मामले को गंभीरता से लेते हुए राजस्व विभाग एवं एमडीडीए को संयुक्त निगरानी के लिए पत्र भेजा गया है, वहीं वन क्षेत्राधिकारी रायपुर को क्षेत्र में सतत निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।

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वहीं, मालसी कक्ष संख्या-1 के अंतर्गत आने वाली कुछ भूमि से संबंधित मामला उच्च न्यायालय नैनीताल में विचाराधीन है। वन विभाग के अनुसार क्षेत्र में अवैध कटान की रोकथाम हेतु पूर्व में कराई गई वृक्ष गणना का पुनः सत्यापन भी कराया गया, जिसमें किसी प्रकार के अवैध पातन की पुष्टि नहीं हुई है।

वन विभाग मसूरी ने स्पष्ट किया है कि आरक्षित वन क्षेत्र से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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