उत्तराखंड

देहरादून में कुत्ता पालना पड़ सकता है भारी, जल्द करा लें यहां रेजिस्ट्रेशन,

देहरादूनः कुत्ता पालना कई लोगों का शौक होता है। हर कोई इसे पालता है, लेकिन देहरादून में कुत्ता पालने के लिए अब आपको लाइसेंस लेना पड़ेगा। अगर आप ऐसा नहीं करते है तो आपको परेशानियों को सामना करना पड़ सकता है। प्रशासन आप के विरुद्ध कार्रवाई कर सकता है। जी हां अगर आप कुत्ता पालने के शौकीन हैं तो आपको नगर निगम में उसका पंजीकरण कराना होगा। नहीं तो आपको भारी जुर्माना देना पड़ सकता है। पालतू कुत्ते का लाइसेंस न बनवाने वालों पर नगर निगम ने ताबड़तोड़ कार्रवाई की और 50 व्यक्तियों का चालान किया।

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आपको बता दें कि निगम ने कुत्ता मालिकों पर जुर्माने की कार्रवाई के लिए चार टीम मैदान में उतार दी हैं। सुबह व शाम को यह टीमें शहरभर में घूमकर पालतू कुत्तों की तलाश करेंगी और पंजीकरण नहीं होने पर संबंधित मालिक का पहली बार पकड़े जाने पर 500 रुपये का चालान किया जाएगा। दूसरी बार पकड़े जाने पर 5000 रुपये का चालान व तीसरी बार मुकदमे की कार्रवाई की तैयारी की गई है।इसके साथ-साथ अब निगम ने रेजीडेंट वेलफेयर सोसाइटी में शिविर लगाकर पालतू कुत्तों का पंजीकरण करना भी शुरू कर दिया है।

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पंजीकरण के लिए प्रविधान

  • पंजीकरण फार्म के साथ पशु चिकित्सक से रैबीज से बचाने को लगने वाले टीके के लगे होने का प्रमाण-पत्र लाना होगा।
  • जीवाणुनाशक का प्रमाण पत्र भी साथ लाना होगा।
  • पंजीकरण के बाद नगर निगम संबंधित व्यक्ति को उसके नाम और पते वाला एक टोकन देगा।
  • पंजीकरण के लिए 200 रुपये शुल्क जमा होगा।
  • पालतू कुत्ते के किसी को काटने पर नुकसान की प्रतिपूर्ति उसके मालिक को करनी पड़ेगी।

गौरतलब है कि देहरादून नगर निगम क्षेत्र में करीब 20 हजार पालतू कुत्ते हैं।जिन्होंने पिछले वर्ष पंजीकरण कराया था, वह नवीनीकरण कराने नहीं आ रहे। पिछले वर्ष नगर निगम में लगभग 4000 कुत्तों का पंजीकरण हुआ था, जिसमें इस वर्ष अभी तक केवल 800 कुत्तों का पंजीकरण नवीनीकरण कराया गया है। ऐसे में अब जिन लोगों ने अपने पालतू कुत्तों का नगर निगम में पंजीकरण नहीं कराया है और न ही निर्धारित शुल्क 200 रुपए जमा कराए हैं तो ऐसे लोगों पर कार्रवाई की जा रही है। नगर निगम ऐसे तमाम कुत्तों को चिन्हित कर रहा है, जिनका पंजीकरण नहीं कराया गया है।

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