उत्तराखंड

चंपावत उपचुनावः जांच में इस प्रत्याशी का नामांकन निरस्त,अब इन नेताओं के बीच होगा मुकाबला…

चंपावत: उत्तराखंड में एक बार फिर चुनावी संग्राम शुरू हो गया है। चपांवत उपचुनाव को लेकर बड़ा अपडेट आ रहा है। नामांकन पत्रों की जांच के दौरान एक प्रत्याशी का नामांकन निरस्त कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि देर रात निर्दलीय प्रत्याशी दीपक बेलवाल के नामांकन पर लगे आरोपों पर कोर्ट में सुनवाई की गई और नामांकन निरस्त किया गया। उपचुनाव में चार प्रत्याशी ही वैध है। 17 मई तक नाम वापसी की प्रक्रिया होगी।

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मीडिया रिपोर्टस के अनुसार नामांकन प्रक्रिया के आखिरी दिन निर्दलीय प्रत्याशी दीपक बेलवाल ने नामांकन जमा किया था। लेकिन दीपक ने बगैर परिवार वालों से पूछे उनका नाम नामांकन पत्र में प्रस्तावक के तौर पर डाल दिया था। जिसपर नामांकन पत्रों की जांच के दिन टनकपुर निवासी मनु गहतोड़ी पंत आरओ को पत्र लिखकर कहा कि निर्दलीय प्रत्याशी दीपक बेलवाल ने बगैर उनसे पूछे उनका व परिवारवालों का नाम नामांकन पत्र में प्रस्तावक के तौर पर डाला गया है। जिसकी जानकारी उन्हें समाचार पत्रों से मिली है। मामले में आरओ व एसडीएम हिमांशु कफल्टिया ने कोर्ट में मामले की सुनवाई कर नामांकन निरस्त  कर दिया है।

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वहीं चंपावत के कैंप कार्यालय में नोडल अधिकारी की तैनाती मामले में सीएम धामी को क्लीन चिट मिल गई है। बताया जा रहा है कि जांच में पता चला कि नोडल अधिकारी इंजीनियर केदार सिंह बृजवाल की तैनाती के आदेश 30 अप्रैल को किए गए थे जबकि उप-चुनाव की तिथि दो मई की शाम घोषित हुई। ऐसे में आचार संहिता उल्लंघन का मामला नहीं बनता है। चुनावी रण में अब भाजपा प्रत्याशी पुष्कर सिंह धामी, कांग्रेस प्रत्याशी निर्मला गहतोड़ी, सपा प्रत्याशी मनोज भट्ट उर्फ एलएम भट्ट और निर्दलीय प्रत्याशी हिमांशु गड़कोटी है।

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