उत्तराखंड

अपराध:दिल टूटने की सज़ा मौत? 24 घंटे में बेनकाब हुआ इश्क़ का काला सच

ऋषिकेश।
इश्क़ जब ज़िद में बदल जाए और ज़िद जुनून बन जाए, तो अंजाम अक्सर खून से लिखा जाता है। ऋषिकेश में एक ऐसी ही सनसनीखेज वारदात ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। एकतरफा प्रेम, टूटी उम्मीदें और भीतर पनपती घुटन ने एक युवती की जान ले ली—लेकिन क़ातिल ज़्यादा देर तक कानून की पकड़ से बाहर नहीं रह सका।
31 जनवरी की रात… जब शहर गहरी नींद में था, तभी एक युवती के कमरे में गोलियों की आवाज़ ने सन्नाटा चीर दिया। सुबह होते-होते यह साफ़ हो गया कि यह कोई अचानक हुआ अपराध नहीं, बल्कि पहले से रची गई साज़िश थी। मृतका प्रीति रावत को लंबे समय से एक व्यक्ति द्वारा शादी के लिए दबाव डाला जा रहा था। जब उसने साफ़ इनकार किया, तो यही इनकार उसकी मौत की वजह बन गया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हलचल मच गई। वरिष्ठ अधिकारी खुद मौके पर पहुंचे। अपराध की नज़ाकत को देखते हुए कोतवाली स्तर से लेकर विशेष दस्तों तक को मैदान में उतार दिया गया। पुलिस ने घटनास्थल से लेकर शहर के हर उस रास्ते को खंगालना शुरू किया, जहाँ से आरोपी के भागने की संभावना थी।
सीसीटीवी कैमरों की आंखों ने बहुत कुछ देखा था—बस ज़रूरत थी उन तस्वीरों को जोड़ने की। फुटेज, तकनीकी विश्लेषण और मुखबिर तंत्र के सहारे पुलिस को यह साफ़ संकेत मिल गया कि क़ातिल वारदात के बाद राज्य से बाहर निकल चुका है। इसके बाद शुरू हुई एक तेज़ और सटीक तलाश।
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर क्षेत्र में जब पुलिस ने दबिश दी, तो इश्क़ के नाम पर कत्ल करने वाला आरोपी सुरेश गुप्ता आखिरकार गिरफ्त में आ गया। पूछताछ में उसने जो कहानी बताई, वह रिश्तों की उलझन और मानसिक विकृति की खौफनाक तस्वीर पेश करती है। उसने कबूल किया कि वह मृतका से शादी करना चाहता था, उसके लिए अपनी ज़िंदगी के फैसले तक बदल डाले, लेकिन जब उसे लगा कि वह उससे दूर हो रही है, तो उसके भीतर गुस्सा और घुटन ने जगह बना ली।
योजना पहले से तैयार थी—हथियार पहले खरीदा गया, मौके का इंतज़ार किया गया और फिर एक रात सब खत्म कर दिया गया। यह कोई तात्कालिक गुस्से का नतीजा नहीं, बल्कि सोच-समझकर उठाया गया कदम था।
पुलिस ने अभियुक्त को हिरासत में लेकर गहन पूछताछ शुरू कर दी है। हर कड़ी को जोड़ने की कोशिश की जा रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि इस अपराध के पीछे सिर्फ़ एकतरफा प्रेम था या उससे कहीं ज़्यादा कुछ।
यह मामला एक बार फिर समाज के सामने बड़ा सवाल खड़ा करता है—क्या प्यार के नाम पर किसी की ज़िंदगी छीन लेना जायज़ हो सकता है?
ऋषिकेश पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने भले ही क़ातिल को सलाखों के पीछे पहुँचा दिया हो, लेकिन एक परिवार की दुनिया हमेशा के लिए उजड़ चुकी है।

यह भी पढ़ें 👉  निर्धन एवं मेधावी छात्राओं को मिलेगा दो साल का मुफ्त शिक्षा-सहयोग, रजत जयंती वर्ष में विशेष सम्मान

The Latest

To Top